नागरिकता संशोधन कानून के विरोध की आड़ में शामली जिले में हिंसा फैलाने की साजिश राजस्थान के कोटा निवासी फैसल ने रची थी। पुलिस ने फैसल सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी फैसल और उसके तीनों साथियों ने खुद को पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) का कार्यकर्ता बताया है। पुलिस का दावा है कि फैसल ने कैराना के युवकों को साथ लेकर ईदगाह के मैदान पर भीड़ इकट्ठा कराई थी। आरोपियों के कब्जे से भड़काऊ पोस्टर और मोबाइल फोन आदि सामान बरामद किया है। धार्मिक उन्माद भड़काने की कोशिश समेत कई संगीन धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
बड़ा खुलासा: फैसल ने रची थी हिंसा कराने की साजिश, राजस्थान से एक दिन पहले आया था कैराना
एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में मोहम्मद फैसल निवासी मोदक स्टेशन थाना मोदक जिला कोटा (राजस्थान), अकबर निवासी दरबार कला कैराना, नौशाद और ताहिर निवासी गांव मामौर (कैराना) शामिल हैं। इन्हें कैराना में तितरवाड़ा चुंगी से गिरफ्तार किया है। पॉपुलर फ्रंट आफ इंडिया के नाम से छपे 257 पोस्टर बरामद किए हैं। इनके मोबाइल फोन की भी जांच की गई तो उनमें भी आपत्तिजनक सामग्री मिली है। पूछताछ करने पर उन्होंने खुद को पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) और एसडीपीआई का कार्यकर्ता बताया है।
एसपी के अनुसार आरोपियों ने नागरिकता संशोधन कानून के विरोध के नाम पर जुमे की नमाज के दौरान कैराना के ईदगाह में लोगों को भड़काकर भीड़ जुटाई थी और वहां माहौल खराब करने की कोशिश की थी। आरोपियों का मंसूबा दंगा फैलाने का था। लिहाजा इन पर कई संगीन धाराओं में केस दर्ज किया गया है। बरामद मोबाइल फोन में दर्ज सामग्री और मोबाइल नंबरों के माध्यम से पता किया जा रहा है कि इनके कौन और साथी हैं और वह भी माहौल खराब करने में शामिल तो नहीं थे। आरोपियों पर धार्मिक उन्माद भड़काने, निषेधाज्ञा उल्लंघन सहित संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।
जुमे से एक दिन पहले आया था
कैराना कोतवाली प्रभारी यशपाल धामा के अनुसार नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में जुमे से एक दिन पहले 19 दिसंबर को राजस्थान से मोहम्मद फैसल ने कैराना क्षेत्र में आकर पॉपुलर फ्रंट के सदस्यों को अपने साथ जोड़ा और जुमे के दिन दंगा भड़काने और आगजनी कराने का प्रयास किया था। जुमे के दिन गिरफ्तार कर जेल भेजे मामौर के ग्राम प्रधान नूरदीन सहित 9 आरोपियों की जमानत का भी प्रयास किया था।
ये हुई थी कैराना में घटना
नागरिक संशोधन कानून को लेकर कैराना में ईदगाह के मैदान में इकट्ठा लोगों ने जमकर नारेबाजी की थी। एसडीएम डॉक्टर अमित पाल शर्मा और सीओ प्रदीप सिंह द्वारा समझाने पर भीड़ लौटने लगी थी, लेकिन भीड़ में शामिल युवकों ने बाजार का रुख कर लिया था। अधिकारियों ने भीड़ से आगे पहुंचकर उन्हें वापस भेजा था और माहौल खराब होने से बचाया था।