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वेस्ट यूपी में पकड़ा अवैध हथियारों का जखीरा, कई फैक्ट्रियों का भंडाफोड़

Sat, 14 Jan 2017 10:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ Updated Sat, 14 Jan 2017 10:51 AM IST
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Busted illegal arms factory, Assembly elections were in supply
अवैध हथियार

वेस्ट यूपी के जिलों में अवैध असलहे सप्लाई करने वाले गिरोह का दौराला पुलिस ने बृहस्पतिवार को भंडाफोड़ किया है। फलावदा के एक घर के तहखाने में असलहा फैक्ट्री पकड़ते हुए दो सगे भाईयों को दबोच लिया। जिनसे तमंचे, बंदूक  और राइफल के अलावा उन्हें बनाने के उपकरण बरामद हुए। पुलिस के मुताबिक विधानसभा चुनाव में उन्माद फैलाने के लिए इन अवैध हथियारों को सप्लाई किया जाना शुरू हो गया था। एसएसपी ने दौराला पुलिस की टीम को पांच हजार का इनाम दिया है। 

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एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी और सीओ दौराला बीएस वीर कुमार ने प्रेसवार्ता में बताया कि दौराला पुलिस ने साबिर और अलीमुद्दीन पुत्र अजीज लुहार (दोनों भाई) को दौराला के ममौरी गांव के पास से गिरफ्तार किया था। दोनों ने पूछताछ में बताया कि फलावदा में उनके घर में एक तहखाना बनाया हुआ है। जहां पर तमंचे, बंदूक व राइफल बनाने का काम चलता है। पुलिस ने इनकी निशानदेही पर उनके घर पर छापा मारा। जहां से दो देशी राइफल, एक तमंचा, दो बंदूक और अन्य पुर्जे बरामद किए। तहखाने में अवैध हथियार बनाने के लिए रोजाना करीब एक दर्जन लोग काम करते है। फैक्ट्री से इलेक्ट्रॉनिक ग्राइंडर मशीन, ब्लेड, ट्रैगर, स्प्रिंग, अधबने तमंचे, बंदूक, राइफल समेत अन्य भारी मात्रा में सामान बरामद किया। 

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तीन देसी राइफल, 50 से ज्यादा बने और अधबने तमंचे बरामद

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एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी

पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने बताया कि मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत समेत कई जिलों से अवैध हथियारों की डिमांड बढ़ी है। कुछ लोग चुनाव में उन्माद फैलाना चाहते हैं। कई बार तो इतनी डिमांड आती है कि हथियारों की भरपाई नहीं कर पाते और उनके ऑर्डर वापस करने पड़ते है। इस गिरोह में एक दर्जन से अधिक लोग शामिल हैं। 

ठेलों में हथियारों की सप्लाई 
आरोपियों ने बताया कि सब्जी और फल के ठेलों पर हथियारों की सप्लाई आसानी से हो जाती है। डिमांड के बाद उनको बता देते है कि फल या सब्जी के ठेले से हथियार उठा लेना। मुजफ्फरनगर, शामली में सबसे ज्यादा सप्लाई की हैं। दो बार हथियार सप्लाई करते आरोपी साबिर को पुलिस ने पकड़ा भी। एक बार जेल जाना पड़ा, जबकि एक बार पुलिस से साठगांठ करके छूट गया था।

आरोपियों ने बताया कि नोटंबदी के बाद से नहीं हो रही थी बिक्री

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जानकारी देते एसपी सिटी

पुलिस ने बताया कि अलीमुद्दीन के घर के तहखाने में अवैध हथियार बनते थे, जबकि साबिर के घर पर इन हथियारों की खेप रखी जाती थी। हथियार रखने के दोनो भाइयों ने गांव में कई लोगों के घर पर ठिकाने बना रखे हैं। पुलिस इसकी जांच जुटी है। गांव के कई लोगों के घर दबिश दी गई, लेकिन वहां कुछ हीं मिला। पुलिस ने बुधवार देर रात दबिश दी तो उस समय भी हथियार बनाने का काम चल रहा था। पुलिस को देखकर लोग भाग गए। पुलिस ने बताया कि दोनों भाई ने हथियार बनवाने के लिए कुछ कारीगर बाहर से भी लाए हैं। रोज 500 रुपये मजदूरी देते थे।

20 हजार में बंदूक, चार हजार में तमंचे 
एसपी सिटी ने बताया कि आरोपी 20 हजार में बंदूक, चार हजार में तमंचे बेचते थे। राइफल को ऑन डिमांड बनाते थे। पांच राइफल बनाना बताया, जोकि 50-50 हजार में बेची हैं। दोनों भाई काफी समय से हथियार बना रहे थे। इसकी जानकारी कई पुलिसकर्मियों को थी। जिनके पास हर माह यह लोग पैसा पहुंचाते थे। पुलिस ने इसकी भी जांच करने की बात कही है। 

मुश्किल से मिला दरवाजा
दौराला इंस्पेक्टर यशवीर सिंह ने बताया कि तहखाने का दरवाजा बड़ी मुश्किल से मिला। अलीमुद्दीन ने अपने कमरे के अंदर तहखाने का दरवाजा बनाया हुआ था। दरवाजे के ऊपर बेड लगाया था। पुलिस ने साबिर को साथ ले जाकर दरवाजा ढूंढा, तब जाकर इसका भंडाफोड़ हुआ। लिसाड़ी गेट में घर में बनते मिले तमंचे, मवाना में तहखाने से मिला हथियारों का जखीरा, हापुड़ रोड पर तमंचे बनाने का सामान पकड़ा, किठौर में तमंचे बनाते दो आरोपी पकड़े, सरधना में तमंचा फैक्ट्री पकड़ी, किठौर के रार्धना में घर में तमंचे बनाते पिता-पुत्र गिरफ्तार

कैराना थाना क्षेत्र के गांव खुरगान से पुलिस ने छापा मारकर 80 तमंचे, 123 मस्कट और करीब 400 अधबने तमंचों के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी मोतीराम प्रतापगढ़ का निवासी है। तमंचे बनाने और सप्लाई करने में यह शामिल था। मुठभेड़ के दौरान उसे गिरफ्तार किया गया। खुरगान निवासी फुरकान उर्फ बहरा सहित छह आरोपी फरार हो गए। पुलिस ने उनके पास से दो कार और हथियार बनाने के उपकरण बरामद किए है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि नोटंबदी के बाद से बिक्री नहीं हो रही थी। दिलचस्प बात यह है कि हथियार सप्लायर नेटवर्क में महिलाएं भी शामिल हैं। इन हथियारों को चुनाव में खलल डालने के मकसद से सप्लाई किया जाना था।

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मेरठ के बाद शामली में हथियारों का जखीरा पकड़े जाने से जोन में अलर्ट 

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कैराना पुलिस

मेरठ के बाद अब शामली के कैराना में हथियारों का जखीरा पकड़े जाने के बाद चुनाव में खूनी खेल की आहट है। जिसे देखते हुए पूरे जोन में अलर्ट कर दिया गया है। चुनावी सीजन में ही हथियारों की मांग बढ़ जाती है। पुलिस रिकॉर्ड की बात करें तो वर्ष 2012 में 530 पिस्टल, 2013 में 430, 2014 में 415 व 2015 में 498 पिस्टल पकड़ी गई। तीन वर्षों में करीब 2156 तमंचे पकड़े गए। मेरठ शहर में ही बीते साल करीब 506 अवैध शस्त्र पकड़े गए थे। बृहस्पतिवार को ही दौराला पुलिस ने फलावदा कस्बे में घर के तहखाने में चलती असलहों की फैक्ट्री पकड़ी थी। अब शुक्रवार को कैराना में भारी मात्रा में अवैध हथियार बरामद हुए हैं। कुछ दिन पहले बिजनौर के सहसपुर में भी अवैध असलहों की फैक्ट्री का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने 30 असलहे बरामद किए थे। 
चुनाव से पहले वेस्ट के जिलों में अवैध असलहों की बरामदगी से इस बात की संभावना से भी इंकार नहीं है कि चुनाव में ये असलहे खून खराबा भी फैला सकते हैं। आईजी जोन अजय आनंद ने शामली एसएसपी से असलहे पकड़े जाने की पूरी जानकारी ली। चूंकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पहले चरण में मतदान है, इसलिए आईजी ने सभी जिलों को अलर्ट कर दिया है। 
खुलासे हुए, कार्रवाई नहीं
कुछ माह पहले दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने गांव खेड़ा बलरामपुरम परतापुर निवासी एक युवक से 50 पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस और तमंचे बरामद किए थे। बीते साल क्राइम ब्रांच ने भी किठौर के रार्धना से अवैध हथियारों हथियारों का जखीरा लाते पंजाब के सतनाम, राजेश, सोनू और गुरप्रीत को गिरफ्तार किया था। पुलिस की पूछताछ में इन आरोपियों ने खुलासा किया था कि मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और शामली में कई लोग इस काले कारोबार से जुडे़ हैं। जिन्होंने अपने घरों में अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्रियां लगाई हुई हैं। 
ये गांव सुर्खियों में
अवैध असलहों के मामले में मेरठ के किठौर कस्बे का रार्धना, सरूरपुर का खिर्वा जलालपुर, रोहटा का चिंदौड़ी गांव, जबकि सहारनपुर जिले का देवबंद क्षेत्र, शामली का खुरगान, दभेड़ी, भसानी और मुजफ्फरनगर जिले का जौला गांव सुर्खियों में रहे हैं। 

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