भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौ. नरेश टिकैत ने कहा कि देश बारूद के ढेर पर बैठा है। देश में जगह-जगह हो रहे आंदोलन इसके गवाह हैं। किसानों की आवाज दबाने के लिए किसान संगठनों को तोड़ा जा रहा है। यह बातें उन्होंने सोमवार को ऊर्जा भवन पर पश्चिमी यूपी के किसानों की महापंचायत में कहीं।
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किसानों की बदौलत चल रहे एसी
टिकैत ने कहा कि जो लोग एसी में बैठे हैं और किसान की नहीं सुन रहे हैं। वह जान लें कि ये एसी किसानों की बदौलत ही चल रहे हैं। हमारे खेतों से बिजली की लाइन जा रही हैं। जब चाहेंगे तब बिजली काट देंगे। मीटर लगने से किसानों की ट्यूबवेल का प्रतिमाह 20-20 हजार का बिल आएगा। सरकार चाहती है कि किसान हिंसा पर उतरे और आंदोलन खत्म हो जाए। हम से पूछे कोई गलत कदम मत उठाना। आंदोलन तो हमारे भाग्य में है।
एमडी बोले, अपने स्तर की मांग करेंगे पूरी
पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक अरविंद मल्लपा बंगारी ने धरना स्थल पर किसानों के बीच पहुंचकर कहा कि मांग पत्र में जो भी मांग स्थानीय स्तर की हैं उनको हम पूरा करेंगे, जो सरकार के स्तर का मामला है उसे शासन को भेजेंगे।
फांसी के फंदे की तरह है मीटर : गौरव टिकैत
भाकियू युवा राष्टीय अध्यक्ष गौरव टिकैत ने कहा कि जिस तरह तीन कृषि कानून किसान के लिए फांसी के फंदे थे, ठीक उसी तरह ये बिजली के मीटर भी फांसी का फंदा ही है। यह लड़ाई किसान को बचाने की है। सरकार अग्निपथ योजना लाकर बेरोजगारों का मजाक उड़ा रही है।
किसानों का आधा बिल किया माफ
ट्यूबवेलों पर बिजली मीटर का मतलब बिल से नहीं है। हम देखना चाह रहे हैं कि सिंचाई के संसाधनों पर हमारी कितनी बिजली खर्च हो रही है। सरकार ने किसानों का आधा बिल माफ कर दिया है। संकल्प पत्र में जो पार्टी ने वादे किए हैं, सरकार पूरा कर रही है। - डॉ. सोमेंद्र तोमर, ऊर्जा राज्यमंत्री