सहारनपुर में प्रधान शिवकुमार के भाई यशपाल सिंह की सरेआम गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने मामले में छह आरोपियों को जेल भेज दिया था लेकिन जांच लगातार जारी थी। कई टीमें इस पर छानबीन कर रहीं थी आखिरकार एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी और पुलिस हत्या के असली आरोपियों तक पहुंच गई।
...ताऊ जी घर से निकल चुके हैं, कर दो काम तमाम, प्रेमी संग मिलकर भतीजी ने हत्या से लिया पिटाई का बदला
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यशपाल सिंह की हत्या शिवकुमार की बेटी ने अपने प्रेमी व उसके साथी के साथ मिलकर की थी।पुलिस ने युवती और उसके प्रेमी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। देवबंद के ग्राम मिरगपुर निवासी भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष चौधरी यशपाल दशहरे वाले दिन आठ अक्तूबर को अपने घर से बाइक पर ग्राम मानकी जा रहे थे। मानकी-बाबूपुर नगली रोड पर उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
परिजनों ने छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। एसएसपी दिनेश कुमार ने बुधवार को बताया कि पुलिस ने आरोपियों को भले ही जेल भेज दिया हो, लेकिन जांच लगातार जारी थी। पुलिस, स्वाट और सर्विलांस टीम लगातार काम करती रहीं और आखिरकार सफलता हाथ लग गई। हत्या में पुलिस ने चौधरी यशपाल सिंह की भतीजी शिवानी, ग्राम मिरगपुर के ही अंकुर और अंकुर के दोस्त मनीष राठौर निवासी ग्राम सैदपुरा सरसावा को गिरफ्तार कर लिया।
शिवानी और अंकुर के बीच प्रेम प्रसंग चल रहा था, जिसका चौधरी यशपाल सिंह ने विरोध किया था। कुछ साल पहले मारपीट भी की थी। इस कारण दोनों ने ही हत्या का षड्यंत्र रचा। अंकुर ने अपने दोस्त मनीष के साथ मिलकर आठ अक्तूबर को मानकी-बाबूपुर नगली मार्ग पर यशपाल सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी। तीनों से हत्या में प्रयुक्त गन, एक तमंचा और स्कूटर बरामद किया गया है। पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से तीनों को जेल भेज दिया गया।
शिवानी ने की थी मुखबिरी
एसएसपी ने बताया कि शिवानी ने ही फोन कर अंकुर को बताया था कि उसके ताऊ घर से निकल चुके हैं। अंकुर और मनीष स्कूटर पर ग्राम मिरगपुर के निकट स्थित भट्ठे पर खड़े होकर चौधरी यशपाल का इंतजार करने लगा। जैसे ही यशपाल सिंह आए, दोनों ने स्कूटर से पीछा किया और गोली मार दी।
ऑनर किलिंग की आशंका से की हत्या
कुछ साल पहले शिवानी और अंकुर के बारे में पता चलने पर चौधरी यशपाल सिंह ने दोनों की पिटाई कर दी थी। तभी से दोनों रंजिश मानने लगे थे। करीब एक साल पहले दोनों फिर से करीब आए। दोनों को आशंका थी कि कहीं उनकी ऑनर किलिंग न हो जाए। बकौल पुलिस, शिवानी ने बताया कि उसे अपने पिता का इतना डर नहीं था, जितना अपने ताऊ से था।
मनीष है आपराधिक प्रवृत्ति का
अंकुर का साथी मनीष भी आपराधिक प्रवृत्ति का है। सदर कोतवाली से 2014 में जानलेवा हमले के आरोप में वह जेल भी जा चुका है। मनीष ने बताया कि उसने सहारनपुर के एक सराफ और एक प्रॉपर्टी डीलर के यहां लूट की तैयारी कर रखी थी। इससे पहले ही गिरफ्तार हो गया।
टीम को दिया पुरस्कार
एसएसपी ने टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की। टीम में देवबंद कोतवाली प्रभारी निरीक्षक यज्ञदत्त शर्मा, निरीक्षक संजय सिंह, राजेन्द्र सिंह नागर, स्वाट टीम प्रभारी उपनिरीक्षक सुधीर उज्ज्वल, सर्विलांस सेल प्रभारी मुबारिक हसन, वरिष्ठ उप निरीक्षक ज्ञानेंद्र सिरोही, उपनिरीक्षक सुबोध कुमार, योगेंद्र अधाना, जय सिंह भाटी, धीरेन्द्र सिंह, करुणा चौधरी, मुख्य आरक्षी अफजाल अहमद, अमित राठी, आरक्षी विनीत हुड्डा, विपिन कौशिक, मनोज कुमार, कमल कौशिक, विनीत कुमार, अरुण राणा, साहिस्ता, नीतू खोखर शामिल हैं।
जेल गए छह लोगों को कराया जाएगा रिहा
एसएसपी दिनेश कुमार ने बताया कि जेल भेजे गए अर्जुन, विक्रम, बिजेंद्र, नीटू, दीपक और विनोद को रिहा कराया जाएगा।