किसानों की मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन द्वारा निकाली जा रही किसान क्रांति पदयात्रा क्रांतिधरा मेरठ में प्रवेश कर चुकी है। इस दौरान पूरा हाईवे 'बाबा टिकैत, अमर रहे' के नारों से गूंज उठा। भाकियू कार्यकर्ता देशभक्ति गानों पर डांस करते हुए और ट्रैक्टर-ट्रॉली में हुक्का गुड़गुड़ाते चल रहे हैं। आज सुबह यात्रा मोदीपुरम पहुंची। यहां से किसान यात्रा दिल्ली के लिए रवाना होगी।
2 of 7
भाकियू किसान यात्रा
- फोटो : अमर उजाला
भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत के नेतृत्व में हरिद्वार से 23 सितंबर को चली किसान यात्रा शुक्रवार सुबह एनएच-58 से होते हुए मेरठ पहुंची। हाईवे किनारे बसे गांवों सकौती, दशरथपुर, कनौड़ा, वलीदपुर, मटौर, दौराला आदि में लोगों यात्रा का जोरदार स्वागत किया गया। शुक्रवार दोपहर लगभग सवा दो बजे यात्रा सिवाया टोल प्लाजा पर पहुंची। भाकियू कार्यकर्ताओं ने टोल की लाइनों में अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी कर दिए। टोल की केवल तीन लाइनें ही चलती रहीं। देर शाम तक टोल प्लाजा पर भाकियू कार्यकर्ता ने डीजे पर बज रहे देशभक्ति गानों डांस किया। प्लाजा के पास ही बने मैदान में कार्यकर्ताओं ने पड़ाव डाल दिया।
जाट थानेदार रहे आगे
3 of 7
भाकियू किसान यात्रा
- फोटो : अमर उजाला
किसानों के सामने अधिकारियों ने जाट बिरादरी के सिपाही, दरोगा और थानेदारों को आगे कर दिया। इनमें अधिकांश सिपाही ऐसे हैं जो मुजफ्फरनगर और शामली के मूल निवासी हैं। जाट थानेदारों में एसओ रोहटा उपेंद्र मलिक, एसओ मुंडाली रितेश कुमार, इंस्पेक्टर सदर बाजार सुभाष अत्री और इंस्पेक्टर कोतवाली यशवीर सिंह कार्यकर्ताओं में सबसे आगे थे।
6 किलोमीटर तक किसानों का सैलाब
4 of 7
भाकियू किसान यात्रा
- फोटो : अमर उजाला
हरिद्वार से दिल्ली जा रही भाकियू की किसान क्रांति यात्रा में सैकड़ों ट्रैक्टर ट्रॉली में सवार हजारों किसान शामिल हैं। यह यात्रा लगभग छह किमी लंबी है। इसमें कुछ किसान पैदल यात्रा कर रहे हैं तो कुछ किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली पर, इतना ही नहीं इस यात्रा में शामिल महिलाओं की भी संख्या काफी है।
जगह-जगह हुआ स्वागत
5 of 7
भाकियू किसान यात्रा
- फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार सुबह लगभग दस बजे किसान यात्रा दादरी गांव पहुंची। जगह-जगह यात्रा में शामिल लोगों के लिए खाने पीने के लिए फल, हलवा व अन्य सामान वितरित किए गए। गांव दौराला, भराला, पनवाड़ी, चिंदौड़ी, सुराणी, सकौती, वलीदपुर आदि के किसान भंडारे लेकर पहुंचे। हलवा पुड़ी के साथ खीर, ब्रेड पकौड़ा, चाय, दाल चावल थे।