मेरठ में बीते सोमवार को करीब सात घंटे तक मेरठ शहर उपद्रवियों के हवाले रहा। सुबह से ही उपद्रवियों ने तांडव मचाना शुरू कर दिया था। इसकी जानकारी पुलिस-प्रशासन को थी, क्योंकि सुबह नौ बजे से कंट्रोल रूम में बवाल की सूचना आने लगी थी। इसके बावजूद सरकारी सिस्टम खामोश रहा।
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सवाल उठता है कि आखिर पुलिस प्रशासन उपद्रवियों को कंट्रोल करने के लिए किसके आदेश का इंतजार करता रहा। बवाल की गूंज लखनऊ तक पहुंची। डीजीपी ने अधिकारियों को हड़काया तो तब जाकर पुलिस जागी।
सुबह के साढ़े नौ बजते-बजते शहर की अधिकांश सड़कों पर उपद्रवियों का कब्जा हो चुका था। हाथों में डंडे लेकर उपद्रवियों ने जबरन दुकानें बंद करानी शुरू कर दीं। हापुड़ अड्डा चौराहा, तेजगढ़ी चौराहा, कमिश्नर आवास चौराहा, वेस्टर्न कचहरी रोड व बच्चा पार्क सहित कई जगहों पर वाहनों में तोड़फोड़ करते ये बवाली कचहरी के अंबेडकर चौराहे पर पहुंच रहे थे।
टाइम लाइन
7.50 बजे शोभापुर चौकी के पास भीड़ जुटी।
9.25 बजे पुलिस चौकी में तोड़फोड़।
9.30 बजे शोभापुर चौकी में आगजनी।
9.40 बजे अंबेडकर चौक पर एसपी सिटी
और एसपी देहात पहुंचे।
9. 45 बजे सीओ दौराला फोर्स के साथ
शोभापुर पहुंचे।