वसंत पंचमी के दिन पतंग उड़ाना मेरठ की परंपरा है। परंपरा का निर्वहन करते हुए शहरवासियों ने पतंगबाजी का आनंद लिया। मौसम साफ और हवा अधिक न होने के कारण जमकर पतंगें उड़ी। क्रांतिधरा का आसमान दिनभर पतंगों की रंगीनियत से गुलजार रहा। अगली स्लाइडों में देखिए तस्वीरें-
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पतंग उड़ातीं महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि सुबह छह बजे से ही लोग घरों की छतों-सड़कों पर पतंग उड़ाने के लिए जुट गए। डीजे पर बजते तेज संगीत के साथ पतंगबाजी हुई। पेचों के मुकाबले भी हुए। मंदिरों व घरों में पीले मीठे चावल, पीला हलवा, केसरी खीर का प्रसाद माता शारदे को अर्पित हुआ।
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पतंग उड़ातीं महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
घरों में खिचड़ी और पुलाव की दावतों में रिश्तेदार और मित्र शामिल रहे। सोशल मीडिया पर ऋतुराज की खुमारी और पीला रंग हावी रहा। पीले कपड़े, पीला श्रृंगार कर लोगों ने सेल्फी और तस्वीरें लेकर सोशल मीडिया पर शेयर की।
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वसंत पर पतंग उड़ाते लोग
- फोटो : अमर उजाला
सुबह माता शारदे की तस्वीर, स्टीकर के साथ वसंत पंचमी की शुभकामनाएं दी गई। वहीं दोपहर होते ही अपनी तस्वीरों को सोशल मीडिया पर साझा किया। श्रद्धालुओं ने विधिविधान से शारदे माता का वंदन किया। विद्या, बुद्धि, विवेक और वाणी की देवी मां सरस्वती का पूजन हर्षोल्लास से हुआ। मंदिरों में भजन व सरस्वती स्रोत का पाठ हुआ।
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वसंत पर पतंग उड़ाते लोग
- फोटो : अमर उजाला
बृहस्पतिवार को वसंत से बढ़ा महत्व
बृहस्पतिवार को विष्णु भगवान के सत्यनारायण रूप की पूजा होती है। साथ ही साईं बाबा के पूजन का विशेष महात्मय भी बृहस्पतिवार को है। बृहस्पतिवार को ही वसंत पंचमी होने से इसका महत्व और बढ़ गया।