मुजफ्फरनगर के शाहपुर के गांव बसी कलां में भाभी फिरदौस की ओर से रोजाना की जा रही टोका-टाकी ने ननद माना को नफरत से भर दिया। भाभी के परिवार के खात्मे की एक महीने तक साजिश रचती रही। चाय में नींद की गोलियों से परिवार नशे में सो गया तो सबसे पहले भाभी की लाडली इसरा को निशाना बनाया। पेट पर चाकू का वार होते ही फिरदौस पहले चीखी लेकिन इसके बाद बेहोश हो गई।
यही वजह है कि वह हमलावर के बारे में नहीं बता सकी। मां के पास सो रहे तीनों बच्चे भी मामूली घायल हुए। शोर-शराबे के बीच इसरा नहीं मिली तो अपहरण का शोर मचा। पुलिस को बरगलाने के लिए आरोपी ने बेसुध होने का नाटक रचा लेकिन खुद को बचा नहीं सकी।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी बुआ
- फोटो : पुलिस
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी मोबाइल पर किसी युवक से बात करती थी। भाभी नाराज थी और उसने दूसरी जगह ननद का रिश्ता तय करा दिया था। इसके बाद से ननद की नाराजगी और बढ़ती चली गई। इसरा से उसकी मां फिरदौस अधिक प्यार करती थी, इसी वजह से आरोपी के निशाने पर सबसे पहले मासूम ही आई।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी बुआ और बरामद चाकू
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
चाय में दी गई नींद की गोलियों से परिवार नशे में सो गया तो आरोपी ने इसरा को उठाकर पानी के टैंक में डाल दिया और ढक्कन बंद कर दिया। पानी में डूब जाने से बच्ची की मौत हो गई।
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मौके पर जमा लोगों की भीड़
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
फिरदौस ने कराया था आरोपी का रिश्ता, नाखुश थी ननद
इसके बाद आरोपी ने घर में रखे चाकू से भाभी के पेट पर वार किया। हमले से भाभी की चीख निकल गई, लेकिन अगले ही पल वह बेहोश हो गई। शोर-शराबे के कारण परिवार के अन्य सदस्य मौके पर पहुंच गए आरोपी ने बदमाशों का शोर मचा दिया। इसरा के अपहरण की जानकारी पुलिस को दी गई।
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इसी टंकी में डुबोकर मासूम को मार डाला
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
घायल को बेहोशी की हालत में परिवार के लोग पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए और यहां से मेरठ रेफर कर दिया गया। रात में फिरदौस से बातचीत नहीं होने के कारण गुत्थी पूरी तरह उलझ गई थी। पुलिस ने शक के आधार पर आरोपी को पकड़ा तो मामला खुलता चला गया।