पश्चिमी यूपी में सुशील मूंछ और बदन सिंह बद्दो को छोड़कर अधिकांश शातिर अपराधी जेल में सक्रिय हैं और अपने गुर्गों से वारदात करा रहे हैं। जरायम की दुनिया में उनके गुर्गे ही अपने आकाओं का खर्च उठा रहे हैं।
जेल में सक्रिय हैं ये शातिर बदमाश, अब सामने आई ये बड़ी बात, पश्चिमी यूपी में कैसे थमेंगी वारदात
कुख्यात सुंदर भाटी, संजीव जीवा, भूपेंद्र बाफर, सुनील राठी, योगेश भदौड़ा, उधम सिंह, मुकीम काला, आशु जाट समेत शातिर अपराधी जेल में सक्रिय हैं। यही वजह है कि इन अपराधियों से मुलाकात करने के लिए जेल में खुद के परिवार के लोग नहीं जाते हैं। जेल में या फिर पेशी के दौरान गुर्गे ही अपने आकाओं से मिलते हैं। सवाल है कि इन गुर्गों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है।
आकाओं के नाम पर वारदात
योगेश भदौड़ा, उधम सिंह, भूपेंद्र बाफर व मोनू जाट के नाम से धमकी देने, रंगदारी मांगने और लूट करने वाले दो दर्जन से अधिक लोग पुलिस जेल भेज चुकी है। यह सब अपने आकाओं के नाम से अपराध करते हैं। इसके अलावा भी कुछ लोग ही शातिर अपराधियों के नाम से धमकी भरी चिट्ठी या फिर रंगदारी वसूलने का काम करते हैं। बागपत में सुनील राठी, धर्मेंद्र किरठल, विक्की सुनहेड़ा व राहुल खट्टा गैंग से जुड़े लोग ताबड़तोड़ वारदात कर रहे हैं। इसकी जानकारी पुलिस को है, बावजूद भी उन पर मजबूत शिकंजा नहीं कसा जा रहा है।
मूंछ के बाहर आने पर बदमाश फिर सक्रिय
सुशील मूंछ के जमानत पर बाहर आने के बाद फिर से जेल में बंद बदमाश और भी सक्रिय हो गए। वह पश्चिमी यूपी के जिलों में गैंगवार का अंदेशा जताते हुए गुर्गों को सक्रिय करते रहते हैं। क्योंकि मूंछ को भी मारने की प्लानिंग की थी। अब मूंछ जेल से आ गया, इसको लेकर बदमाश खुद को सुरक्षित कराने के लिए गुर्गों को निर्देश देते रहते हैं। मुकीम काला समेत कई बदमाश जेल से पेशी पर आने से डर रहे हैं।
जेल में फोन और चिट्ठी का चलन जारी
योगी सरकार में अपराधियों पर शिकंजा कसने के बावजूद पश्चिम के बदमाशों के जेल में फोन व चिट्ठी भेजने का चलन जारी है। भूपेंद्र बाफर की वीडियो कॉलिंग वायरल होने के बाद भी जेल प्रशासन नहीं जागा। बागपत जेल में तत्कालीन आईजी आलोक सिंह और कमिश्नर अनीता सी. मेश्राम ने अपराधियों के चलते मोबाइल पकड़े थे। वहीं, जेलों से चिट्ठी भेजकर धमकियां मिल रही है।