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भगवान श्रीकृष्ण ने यहां खाई थी साग-मक्का की रोटी, आज भी यहां पूरे वर्ष उगता है बथुआ, तस्वीरें

Mon, 18 Jan 2021 04:41 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Mon, 18 Jan 2021 04:41 PM IST
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Amar Ujala Special News: Know what is the history of Vidur Kuti at hastinapur
विदुर टीले पर जाने के लिए लगा संकेतक। संवाद - फोटो : अमर उजाला

महाभारत से जुड़े कई प्राचीन अवशेष आज भी हस्तिनापुर में मौजूद हैं लेकिन रख-रखाव के अभाव में इनके अस्तित्व का ही खतरा बढ़ गया है। विदुर टीले पर विदुर कुटी भी इन्हीं में से एक है। विदुर कुटी से दूसरी और आज भी बूढ़ी गंगा बह रही है। प्राकृतिक वातावरण के कारण यहां आने वालों को मानसिक शांति मिलती है।

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पुजारी जगत गिरी - फोटो : अमर उजाला

यहां साल में 24 बड़े धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। देश के कोने-कोने से लोग यहां जन्माष्टमी मनाने आते हैं। टीले पर दर्जनों साधु-संत रहते हैं। फिर भी यह स्थान उपेक्षा का शिकार है। आज तक न तो पर्यटन विभाग ने कोई ध्यान दिया और न ही पुरातत्व विभाग की तरफ से कोई भी काम किया गया। दोनों विभागों के अधिकारियों का कहना है कि यह स्थान प्राचीन स्थलों से जुड़ा नहीं है इसलिए यहां विकास कराना संभव नहीं है। मान्यता है कि महाभारत के युद्ध से पूर्व जब भगवान श्रीकृष्ण कौरवों को समझाने में असफल हो गए थे तो वह कौरवों का छप्पन भोग ठुकरा कर महात्मा विदुर के पास यहीं आए थे। उन्होंने विदुर के साथ बथुए का साग और मक्के की रोटी खाई थी।

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विदुर कुटी के पास पीपल का पेड़ - फोटो : अमर उजाला

कहा जाता है कि धृतराष्ट्र ने विदुर से महाभारत का युद्ध टालने के लिए नीति तो पूछी थी लेकिन पुत्रमोह में नीति अपना नहीं सके थे। कहावत भी है- दुर्योधन की मेवा त्यागी, साग विदुर घर खायो रहे। आज भी यहां पूरे वर्ष बथुआ उगता है। इसका वर्णन महाभारत में भी मिलता है। 

प्राचीन पीपल के दर्शन शुभ फलदायी 
यहां मौजूद प्राचीन पीपल के दर्शन के लिए दूरदराज से लोग आते हैं। इसे शुभ फलदायी माना जाता है। विशाल होने के कारण पीपल का पेड़ गिर गया था। बाद में वहीं पीपल फिर उग गया। इसके नीचे दिव्य ज्योति हर समय प्रज्ज्वलित रहती है।

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हस्तिनापुर में शक्ति पीठ मंदिर - फोटो : अमर उजाला

यहां आ चुके हैं नीतिश भारद्वाज 
90 वर्षीय महंत गोविंद गिरी ने बताया कि महाभारत और टीवी सीरियल श्रीकृष्णा में भगवान श्रीकृष्ण का अहम किरदार निभाने वाले नीतिश भारद्वाज भी एक बार विदुर कुटी आए थे। उन्होंने भी यहां बथुए का साग और मक्का की रोटी खाई थी। 

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विदुर कुटी - फोटो : अमर उजाला

मां भगवती ने महात्मा विदुर को दिए थे दर्शन
पुजारी जगत गिरी ने बताया कि प्राचीन स्थान पर महात्मा विदुर को मां भगवती ने दर्शन दिए थे। उसी समय से यहां मां भगवती का भी स्थान बनाया गया था। स्थानीय श्रद्धालुओं में स्थान को लेकर विश्वास है और वे प्रतिदिन पूजा-अर्चना करते हैं।

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