मेरठ में जानीखुर्द ब्लाक के गांव मीरपुर जखेड़ा में तीन लोगों की शराब पीने से मौत के बाद पुलिस और आबकारी विभाग सवालों के घेरे में आ गया है। ग्रामीणों के अनुसार, 12 साल से अवैध शराब की बिक्री हो रही है। ऐसे में पुलिस और आबकारी विभाग को इस धंधे की भनक न हो, ऐसा संभव नहीं है।
ग्राउंड रिपोर्ट: 12 साल तक नहीं टूटी अफसरों की नींद, सुरेंद्र ने कमाया खूब पैसा, बना लिया आलीशान मकान
मीरपुर जखेड़ा की आबादी करीब 3500 है। यहां रहने वाला सुरेंद्र शराब तस्कर बताया जा रहा है। 12 साल पहले उसने गांव में शराब की बिक्री शुरू की थी। गांव से पांच किलोमीटर दूर तक शराब की दुकान न होने का उसने पूरा फायदा उठाया और खूब पैसा कमाया। गांव में बना उसका शानदार घर इस बात की गवाही देता है। सुरेंद्र ने गांव के कई लोगों को भी अपने साथ जोड़ लिया। बाद में आसपास के गांवों में भी शराब की आपूर्ति करने लगा।
बरामद की 15 पेटी अवैध शराब
आबकारी विभाग और पुलिस ने शुक्रवार को अवैध शराब की तलाश में गांव मीरपुर जखेड़ा में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान कई लोगों से पूछताछ की और एक घर से 15 पेटी अवैध शराब बरामद की।
बृहस्पतिवार को घटना के बाद ग्रामीणों ने पुलिस से गांव के सुरेद्र पर अवैध शराब बेचने का आरोप लगाते हुए उसके घर दबिश देने को कहा था। शुक्रवार शाम सीओ सरधना, जानी पुलिस और आबकारी विभाग ने सुरेन्द्र पुत्र मदन के घर का ताला तोड़कर तलाशी ली। घर की तीसरी मंजिल पर 15 पेटी अवैध शराब बरामद हुई।
सीओ सरधना आरपी शाही के अनुसार, गांव मीरपुर जखेड़ा निवासी आरोपी सुरेंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। 2018 में भी सुरेंद्र अवैध शराब रखने और बेचने में जेल जा चुका है। वहीं आबकारी विभाग और पुलिस ने शुक्रवार को क्षेत्र के तमाम सरकारी ठेकों पर दबिश देकर स्टाक चेक किया।
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