मेरठ जनपद के हस्तिनापुर निवासी दिनेश खटीक द्वारा बुधवार को जल शक्ति राज्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद लखनऊ से दिल्ली तक हड़कंप मचा है। दिनेश खटीक ने अपना इस्तीफा अमित शाह को भेजा। यह खबर मीडिया में आते ही राजनीतिक नेताओं ने भी एक-दूसरे को फोन लगाने शुरू कर दिए। वहीं बुधवार सुबह से ही राजनीतिक गलियारों में मंत्री का इस्तीफा चर्चा का विषय बना हुआ है। उधर, विपक्ष के नेताओं ने भी ट्वीट करके इस मामले पर चुटकी ली है। आइए जान लेते हैं कि अखिलेश यादव, मायावती और कांग्रेस द्वारा मंत्री के इस्तीफे को लेकर क्या ट्वीट किया गया है।
UP: मंत्री के इस्तीफे पर अखिलेश-मायावती और कांग्रेस ने योगी सरकार पर उठाए सवाल, ट्वीट में लिखी ये बड़ी बातें
बसपा सुप्रीमो मायावती ने लिखा
उत्तर प्रदेश भाजपा मंत्रिमंडल के भीतर भी दलित मंत्री की उपेक्षा अति-निंदनीय व दुर्भाग्यपूर्ण। ऐसी खबरें राष्ट्रीय चर्चाओं में हैं। सरकार अपनी जातिवादी मानसिकता व दलितों के प्रति उपेक्षा, तिरस्कार, शोषण व अन्याय को त्याग कर उनकी सुरक्षा व सम्मान का ध्यान रखने का दायित्व जरूर निभाए।

अखिलेश यादव ने किया ट्वीट
समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने दिनेश खटीक के पत्र को लेकर ट्विटर पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि कभी-कभी बुलडोजर उल्टा भी चलता है। उन्होंने लिखा कि जहां मंत्री होने का सम्मान तो नहीं लेकिन दलित होने का अपमान मिले… ऐसी भेदभावपूर्ण भाजपा सरकार से त्याग पत्र देना ही अपने समाज का मान रखने के लिए यथोचित उपाय है।

दिनेश खटीक ने लगाए बड़े आरोप
राज्यमंत्री दिनेश खटीक ने इस्तीफा देने से पहले एक पत्र लिखा, जिसमें सरकार की कार्यप्रणाली और विभिन्न विभागों में चल रहे भ्रष्टाचार को लेकर सवाल उठाए गए। उन्होंने पत्र में यह भी लिखा है कि 'नमामि गंगे' और 'हर घर जल योजना' में नियमों की अनदेखी कर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया जा रहा है।
इसके अलावा उन्होंने लिखा कि जल शक्ति विभाग में बड़े पैमाने पर कर्मचारियों और अधिकारियों के स्थानांतरण में गड़बड़ी हुई। मैंने विभागाध्यक्ष से सूचना मांगी तो अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। विभागों में हो रहे भ्रष्टाचार को ही उन्होंने इस्तीफा की वजह बताया है।