कमरे में पड़ा मिला डीआरडीए के प्रशासनिक अधिकारी का शव, प्रशासन में मचा हड़कंप
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जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के कार्यालय अधीक्षक/वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी वीडी मिश्रा की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। उनका शव विकास भवन कैंपस में सरकारी क्वार्टर में पड़ा मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने तहकीकात शुरू की और परिजनों को सूचना देने के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई, लेकिन कई माह से वेतन न मिलना, मानसिक तनाव और अत्यधिक शराब का सेवन मौत का कारण माना जा रहा है। विकास भवन में जिला ग्राम्य विकास अभिकरण कार्यालय में विष्णु देव मिश्रा निवासी कस्बा बंकी उत्तरटोला बाराबंकी कार्यालय अधीक्षक/वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के पद पर कार्यरत थे। शनिवार की सुबह करीब साढ़े दस बजे जब सफाईकर्मी वहां पहुंचा, तो कमरे में उनका शव पड़ा मिलने पर घबरा गया।
कमरे में शराब की कुछ खाली बोतलें मिली
इसके बाद कैंपस में रहने वाले लोग इकट्ठा हो गए। सूचना पर मुख्य विकास अधिकारी यशु रुस्तगी और एसडीएम एमपी सिंह भी मौके पर पहुंचे। इसके बाद शामली कोतवाली प्रभारी प्रवीण कुमार, पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस के मुताबिक वीडी मिश्रा के चेहरे पर हल्की चोट के निशान मिले हैं। पर्स से मिले कागजातों तथा मोबाइल से मिले नंबर के आधार पर पुलिस ने उसके पुत्र कमलेश मिश्रा को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिजन शामली के लिए रवाना हो गए। बाद में पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
कर्मचारियों को बीते 5 महीने से वेतन नहीं मिला
कोतवाली प्रभारी प्रवीण कुमार के अनुसार मौत का कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है, आशंका जताई जा रही है कि हार्ट अटैक के कारण उनकी मौत हुई। सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चलेगा। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण में कार्यरत कर्मियों को करीब पांच महीने से वेतन नहीं मिला। प्रशासनिक अधिकारी वीडी मिश्रा भी इस परेशानी से दो चार हो रहे थे तथा अपने साथियों से पैसा उधार तक लेना पड़ रहा था। विभाग में कार्यरत अन्य लोगों के अनुसार अक्तूबर माह से तनख्वाह नहीं आई है। वहीं, सीडीओ यशु रुस्तगी का कहना है कि डीआरडीए कर्मियों के वेतन आहरण के संबंध में उन्होंने शासन स्तर पर कई बार पत्राचार किया है।