फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

याकूब पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी: शासन ने बैठाई जांच, पशु चिकित्सकों की भूमिका संदिग्ध, कई पर गिर सकती है गाज 

Wed, 13 Apr 2022 11:54 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Wed, 13 Apr 2022 11:54 AM IST
सार

हाजी याकूब कुरैशी पर शासन स्तर से बड़ी कार्रवाई की तैयारी चल रही है।
अल फहीम मीटेक्स मामले में पशुपालन चिकित्सकों की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। इसकी पड़ताल के लिए जांच कमेटी गठित कर दी गई है। 

विज्ञापन
Action on Yakub: Government has set up investigation, the role of veterinarians is doubtful
हाजी याकूब की फैक्टरी - फोटो : amar ujala

पूर्व मंत्री हाजी याकूब की मीट फैक्टरी  अल फहीम मीटेक्स मामले में पशुपालन विभाग के चिकित्सकों की भी भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी की तैनाती के बाद भी फैक्टरी में मांस का कारोबार सामने आने पर शासन ने जांच बैठा दी है। रोग नियंत्रण एवं प्रक्षेत्र लखनऊ निदेशक ने जांच के लिए तीन सदस्य टीम गठित की है। बताया जा रहा है कि टीम ने जांच कर ली है लेकिन रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की जा रही है। 


हापुड़ रोड स्थित अल्लीपुर जिजमाना में अल-फहीम मीटेक्स प्रा. लि. कंपनी से भारी मात्रा में पकड़े गए मांस के मामले में पुलिस, एमडीए, विद्युत वितरण निगम, प्रदूषण विभाग ही नहीं बल्कि पशुपालन विभाग के अधिकारी भी जांच के दायरे में हैं।

यह भी पढ़ें: मेरठ: हाजी याकूब की गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ दबिश, नोटिस चस्पा होने के बाद भी नहीं दिया जवाब, अब कुर्की की तैयारी में पुलिस

Action on Yakub: Government has set up investigation, the role of veterinarians is doubtful
हाजी याकूब की फैक्टरी - फोटो : amar ujala

विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक किसी भी मीट फैक्टरी में पशु कटान हो या फिर मीट एक्सपोर्ट, सभी की निगरानी के लिए पशु चिकित्सक की तैनाती होती है। अल-फहीम पर भी उप मुख्य चिकित्साधिकारी सदर डाॅ. वेदप्रकाश की तैनाती बतायी गयी है। 

Action on Yakub: Government has set up investigation, the role of veterinarians is doubtful
हाजी याकूब कुरैशी -बसपा - फोटो : अमर उजाला

रोग नियंत्रण एवं प्रक्षेत्र निदेशक डॉ. जीवन दत्त ने पूरे प्रकरण पर जांच बैठा दी है। जांच टीम में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, संयुक्त निदेशक पैथोलॉजिस्ट, उप मुख्य पशुचिकित्साधिकारी को सरधना में रखा गया है। विभागीय सूत्रों से जानकारी मिली है कि टीम ने जांच करके रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी है। 

यह भी पढ़ें: विक्टोरिया पार्क अग्निकांड: 16 साल पहले का वो खौफनाक मंजर... जब तड़प-तड़पकर मर गए थे लोग, छिन गईं थीं 230 परिवारों की खुशियां

विज्ञापन
विज्ञापन
Action on Yakub: Government has set up investigation, the role of veterinarians is doubtful
हाजी याकूब कुरैशी -बसपा - फोटो : अमर उजाला

निदेशक डॉ. जीवन दत्त के आदेश पर गौर करें तो उच्च न्यायालय ने 29 मई 2019 के आदेश के अनुसार प्लांट में रखी पेरीसेबल मीट को अधिकतर 60 दिन से 90 दिन के भीतर फैक्टरी से निकालने की अनुमति दी गई थी। जिसकी रिपोर्ट तैयार करके डीएम और एमडीए वीसी को दी जानी थी। डॉ. वेदप्रकाश ने उच्चाधिकारियों को वस्तुस्थिति से अवगत नहीं कराया। जिसकी जांच के लिए तीन अधिकारियों की कमेटी गठित की गई है। 

 

विज्ञापन
Action on Yakub: Government has set up investigation, the role of veterinarians is doubtful
हाजी याकूब कुरैशी - फोटो : अमर उजाला

निदेशालय के निर्देश पर जांच कमेटी के अध्यक्ष होने के नाते हमने डॉ. वेदप्रकाश से स्पष्टीकरण मांग लिया है। सभी तथ्यों की जांच के बाद रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी है। गोपनीय जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाना उचित नहीं है। - डॉ. अनिल कंसल, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed