उत्तर प्रदेश में शामली जनपद के गांव लांक में एक साथ घर से यूपी पुलिस के सिपाही, उसके बेटे और पत्नी की अर्थी उठी तो परिजनों में कोहराम मच गया। परिजन शव से लिपट कर बिलख उठे। श्मशान घाट पर तीनों चिताएं एक साथ जलीं तो माहौल गमगीन हो गया। वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं।
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एक साथ जलीं तीन चिताएं
- फोटो : अमर उजाला
मुरादाबाद में शनिवार रात को गांव लांक निवासी यूपी पुलिस के सिपाही अजय कुमार और इकलौते बेटे छह वर्षीय विशेष की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी, जबकि पत्नी अनुपमा और दो बेटी घायल हो गई थी। अनुपमा ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था।
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शव यात्रा में शामिल हुए गांव के लोग
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रविवार शाम पोस्टमार्टम के बाद अजय और बेटे विशेष का शव गांव लांक पहुंच गया था। पत्नी का शव देर रात में गांव पहुंचा। सोमवार सुबह घर से तीनों की अर्थी एक साथ उठी तो परिजनों में कोहराम मच गया। परिजन शव से लिपटकर बिलख उठे। परिजनों का करुण रुद्रण देख हर किसी की आंखें नम हो गईं। गांव में मातम पसरा हुआ है।
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एक साथ ले जाते तीन अर्थियां
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इसके बाद गांव के श्मशान घाट पर गमगीन माहौल में तीनों का अंतिम संस्कार किया गया। मृतक सिपाही के भतीजे रोहित ने मुखाग्नि दी। इस दौरान शाहजहांपुर जनपद से सीओ पुलिस टीम के साथ गांव लांक पहुंचे थे।
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शव यात्रा
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इनके अलावा शामली के सदर विधायक तेजेंद्र निर्वाल, एमएलसी विरेंद्र सिंह, वीर सिंह मलिक, समाजसेवी सोनू मलिक समेत आसपास के गांव से भी ग्रामीण मौजूद रहे। इस दौरान मौजूद लोगों ने सिपाही, उसके बेटे और पत्नी की सड़क दुर्घटना में मौत होने पर दुख व्यक्त किया। गांव में दूसरे दिन भी गम का माहौल बना रहा।