होनहार दिव्यांश कुशवाहा की मौत के लिए सरकारी तंत्र की लापरवाही भी जिम्मेदार है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बावजूद हाईवे पर सड़क किनारे वाहन खड़े करने को पुलिस-प्रशासन बंद नहीं कर पाया। हाईवे पर ब्लैक स्पॉट पर भी साइन बोर्ड और रिफ्लेक्टर तक नहीं लगाए गए। ब्लैक स्पॉट पर ही सड़क किनारे खड़े ट्रक ने दिव्यांश की जिंदगी छीन ली और सहपाठी खुशी अस्पताल में जिंदगी के लिए जूझ रही है।
दर्दनाक: हादसे में चकनाचूर हुई कार, दिव्यांश की मौत से मचा कोहराम, अस्पताल में जिंदगी के लिए जूझ रही खुशी
सड़क पर ट्रक न होता तो बच जाती जान
प्रत्यक्षदर्शी डाबका कंकरखेड़ा निवासी हरेंद्र सिंह ने बताया कि कार चालक को ट्रक दिखाई नहीं दिया। अगर सड़क पर ट्रक नहीं खड़ा होता तो शायद हादसा नहीं होता। एक ढाबे पर काम करने वाले कल्लू ने बताया कि कार की टक्कर से इतनी जबरदस्त थी कि धमाके जैसी आवाज सुनकर वह और अन्य लोग पहुंचे तो गाड़ी में चारों छात्र लहूलुहान हालत में थे। जैसे-तैसे करके छात्रों को गाड़ी से निकाला और अस्पताल में भर्ती कराया। राहगीर हिमांशु ने बताया कि सुबह हल्का कोहरा था। ज्यादा रफ्तार और समय पर नियंत्रण न होने से हादसा हो गया।
हाईवे पर 30 मिनट पर लगा जाम
हादसे में छात्रों की कार क्षतिग्रस्त हो गई। ट्रक से टक्कर लगने के बाद कार सड़क के बीचोबीच खड़ी हो गई। इसमें हाईवे पर करीब 30 मिनट तक जाम की स्थिति बनी रही। गाड़ी की हालत देखकर हाईवे से गुजरने वाले लोगों की भीड़ लग गई। कंकरखेड़ा पुलिस ने कार को हटाकर यातायात सुचारु करवाया। कार चालक छात्र ऋषभ ने ही हादसे में घायलों के नाम और पते पुलिस को बताए।
बुलंदशहर में हादसे के बाद योगी ने दिए थे निर्देश
करीब 10 महीने पहले बुलंदशहर में इसी तरह के हादसे में सात लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी ने पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए थे कि किसी भी सूरत में सड़क पर वाहन खड़े न होने दें। एक महीने पहले मेरठ पुलिस ने भी दावे किए थे कि हाईवे पर वाहन खड़े नहीं होने देंगे। अब कोहरे के समय भी पुलिस ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।
कोहरा था, नींद की झपकी भी लगी : ऋषभ
इंस्पेक्टर उत्तम सिंह राठौर के मुताबिक हादसे में घायल ऋषभ ने बताया कि वह दोस्तों के साथ बातचीत करते हुए ऋषिकेश से दिल्ली लौट रहे थे। वह कार चला रहा था। उस समय कोहरा था। अचानक झपकी लगी और कार पीछे से ट्रक में घुस गई। उसने कार नियंत्रित करने के लिए ब्रेक लगाए, लेकिन तब तक ट्रक के नीचे काफी आगे तक घुस गई थी। घायल निहारिका और खुशी अभी बात करने की स्थिति में नहीं है।