मेरी आंखों के सामने लोग जिंदा जल रहे थे। मैं बस से नहीं कूदता तो मेरी भी जान नहीं बचती। जान बचाने के लिए खिड़की तोड़कर छलांग लगाई थी। रीढ़ व पैर की हड्डी में फ्रैक्चर आया है। शिकोहाबाद तहसील के गांव कटैना हर्षा निवासी शैलेंद्र कुशवाहा (26) ने यमुना एक्सप्रेस-वे पर हुए हादसे की भयावह तस्वीर कुछ इस तरह बयां की।
मथुरा हादसा: आखों के सामने लोग जिंदा जल गए, बस से कूदकर बचाई जान... शिकोहाबाद के शैलेंद्र ने सुनाई पूरी आपबीती
संवाद न्यूज एजेंसी, शिकोहाबाद (फिरोजाबाद)
Published by: आकाश दुबे
Updated Thu, 18 Dec 2025 09:27 AM IST
सार
शैलेंद्र ने बताया कि उनकी छलांग के बाद पीछे से आ रही पांच-छह अन्य बसें भी आपस में टकराती चली गईं। उन्होंने कई लोगों को एक साथ जिंदा जलते हुए देखा, जिसने उनकी रूह कंपा दी।
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