ललितपुर में 13 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता से थाने में रेप के मामले में जांच जारी है। मंगलवार को ललितपुर के पाली थाने में दुष्कर्म पीड़िता के साथ थाना परिसर में ही दरिंदगी करने के आरोपी थानाध्यक्ष तिलकधारी सरोज को प्रयागराज से गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं एडीजी ने थाने के समूचे स्टाफ को लाइनहाजिर कर दिया है।
मामले अब खुलासा हुआ है कि दुष्कर्म पीड़िता मासूम को जब चाइल्ड लाइन ले जाया गया तो वह इतनी सहमी हुई थी कि वहां भी कुछ नहीं बोल रही थी। इसकी वजह उस पर की गई शारीरिक प्रताड़ना ही नहीं बल्कि आरोपी थानाध्यक्ष की मानसिक प्रताड़ना भी थी। एसओ तिलकधारी सरोज ने पीड़िता को ऐसी धमकी दे दी थी कि वह खौफ से किसी के सामने कुछ बोल ही नहीं रही थी। आगे पढ़ें ऐसी कौन सी धमकी थी जिससे मासूम पीड़िता इतना डर गई थी...
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दो आरोपी गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
थानाध्यक्ष ने धमकाया....
झांसी में पाली के थानाध्यक्ष तिलकधारी सरोज ने किशोरी को धमकाया था कि अगर किसी को बताया तो झूठे मुकदमे लगाकर जेल भेज दूंगा। किशोरी बेहद डर गई थी। जब उसे चाइल्ड लाइन में भेजा गया था तो वहां भी वह कुछ बता नहीं रही थी। लेकिन जब काउंसलिंग के दौरान उसको सहारा दिया गया तो वह फूट-फूटकर रोने लगे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।
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निलंबित एसओ
- फोटो : अमर उजाला
किशोरी ने काउंसलिंग के दौरान बताया कि थानाध्यक्ष ने उसे धमकी दी थी कि अगर किसी को बताया तो जेल भेज दूंगा। बुधवार को जब उसे मेडिकल के लिए भेजा गया तो वहां भी बेहद डरी हुई थी। वह बार बार घर भेजने की बात कर रही थी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
सामूहिक दुष्कर्म की शिकार हुई 13 साल की किशोरी के साथ 27 अप्रैल को पाली थाने के एसओ तिलकधारी सरोज ने थाना परिसर में बने अपने आवास में दुष्कर्म किया था। किशोरी को थानाध्यक्ष ने उसकी मौसी के जरिए बयान दर्ज करने के बहाने बुलाया था। इसका खुलासा किशोरी द्वारा चाइल्ड लाइन को दिए गए बयान से हुआ था। इस मामले में बुधवार को एसओ समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। एसओ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
मुकदमा दर्ज होने के बाद एसओ तिलकधारी सरोज फरार हो गया था, जिसे बुधवार की शाम प्रयागराज से पकड़ा गया। इसके अलावा तीन अन्य आरोपियों राजभान, महेंद्र चौरसिया और षड़यंत्र में शामिल पीड़िता की मौसा गुलाबबाई अहिरवार को गिरफ्तार कर लिया गया। एडीजी ने भानु भास्कर ने पाली थाने के 30 कर्मचारियों के स्टाफ को लाइन हाजिर कर दिया। घटना की जांच डीआईजी जोगेंद्र कुमार को सौंपी गई है। उनसे 24 घंटे में पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी गई है।