फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कौशाम्बी में श्रद्धालुओं से भरी नाव पलटी

Sun, 22 Sep 2019 01:49 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 22 Sep 2019 01:49 AM IST
विज्ञापन
boat overturned in kaushmabi
flood in kaushambi - फोटो : kaushambi
उफनाई यमुना की बाढ़ से परेशान बड़ा गढ़वा गांव की महिलाएं अंधविश्वास के चक्कर में अपनी जान जोखिम में डाल बैठीं। बाढ़ के पानी से घिरे कंगेसर स्थित काली माता देव स्थान पर पूजा कर यमुना को मनाने जा रही दर्जन भर महिलाओं व बच्चों से भरी नाव पलट गई। चीख-पुकार मचने पर ग्रामीण और मौके पर रहे अफसरों ने कड़ी मशक्कत के बाद सभी को सकुशल बचाया। मामले में तहसीलदार ने छोटी नाव के परिचालन पर रोक लगा दी है। चेतावनी जारी की गई है कि छोटी नाव चलाता कोई मिला तो एफआईआर दर्ज करा दी जाएगी।


 
boat overturned in kaushmabi
flood in kaushambi - फोटो : kaushambi
सदर तहसील का बड़ा गढ़वा गांव पिछले एक सप्ताह  से बाढ़ के पानी में घिरा है। 14 परिवारों के घर में बाढ़ का पानी घुस चुका है। समूची बस्ती के बीच पानी फैला है। जिन लोगों के यहां पानी भर गया है उन्हें प्रशासन के आश्रय स्थल पर रोका गया है। जिला पंचायतराज अधिकारी गोपाल जी ओझा को गांव का नोडल अफसर बनाकर बाढ़ के हालत पर नजर रखने की जिम्मेदारी दी गई है। शनिवार की सुबह गांव में डीपीआरओ राहत सामग्री का वितरण करा रहे थे, तभी हल्ला मचा कि महिलाओं व बच्चों से भरी एक नाव यमुना में पलट गई। घटना सुन चीख-पुकार मच गई और लोग राहत व बचाव के लिए दौड़ पड़े।

 
boat overturned in kaushmabi
flood in kushambi - फोटो : kaushambi
जिस स्थान पर नाव पलटी थी, वहां पर काफी पानी थी। संयोग से घटना स्थल पर एक बबूल का पेड़ था, जिसे महिलाओं ने पकड़ लिया। कुछ पास से जा रही डोंगी को पकड़े थी। ग्रामीण दूसरी नाव लेकर नदी में भागे, तैराक बचाव के लिए कूद पड़े। आधे घंटे की मशक्कत के बाद सभी सवारों को सकुशल बचा लिया गया है। नाव में सवार ग्रामीणों का कहना है कि गांव में अक्सर बाढ़ आ जाती है। मान्यता है कि बाढ़ का पानी नहीं उतरता तो गांव की महिलाएं गाते-बजाते कंगेसर स्थित काली माता के थान में पूजा करती हैं। पूजा के बाद पानी घट जाता है। इसी अंधविश्वास के चलते शनिवारको महिलाएं बिना किसी को बताए पूजा के लिए निकल पड़ी थी। घटना की जानकारी पर पहुंची तहसीलदार रामजी ने निर्देश दिया कि कोई भी छोटी नाव का प्रयोग नहीं करेगा। अगर कोई छोटी नाव का प्रयोग करता मिला तो उसके खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। हालांकि सभी के सकुशल बच जाने से अफसरों ने राहत की सांस ली।

 
विज्ञापन
विज्ञापन
boat overturned in kaushmabi

नाव हादसे की खबर सुन नदीं में कूद पड़े डीपीआरओ
मंझनपुर। नाव हादसे के दौरान जिला पंचायत राज अधिकारी गोपाल जी ओझा बड़ा गढ़वा गांव में ही थे। जैसे ही उन्हें नाव पलटने की खबर मिली तो उन्होंने फौरन पैंट उतारी औैर कमर तक पानी में उतर गए। अधिकारी को ऐसा करता देख गांव के लोगों का हौसला बढ़ा और करीब आधा घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन ने सभी को सकुशल बाहर निकाल लिया गया।  बड़ा गढ़वा गांव में बाढ़ के हालात पर नजर रखने के लिए डीपीआरओ को नोडल अफसर बनाया गया है। शुक्रवार की रात भी चार परिवारों के यहां बाढ  का पानी पहुंच गया था। इन परिवारों को शरणार्थी कैंप मेें लाया गया। शनिवार की सुबह डीपीआरओ उन लोगों को राशन आदि का वितरण कराने पहुंचे थे। वितरण का काम हो रहा था, कि हल्ला मचा कि नदी में नाव पलट गई। गांव का हर शख्स नदी की तरफ भागा। इस पर डीपीआरओ भी दौड़े और पैंट उतारकर गहरे पानी में उतर गए। अफसर का साहस देख गांव के लोग भी नाव लेकर नदी की तरफ भागे। डीपीआरओ चिल्ला रहे थे कि ये गमछा ले लो, पकड़ने में मदद मिलेगी। सभी के सकुशल बचा लिए जाने के बाद डीपीआरओ के किस्से सोशल मीडिया पर छा गए।

विज्ञापन
boat overturned in kaushmabi
flood in kaushambi - फोटो : kaushambi

जल स्तर और बढ़ा तो टूट जाएगा दोआबा-बुंदेलखंड का संपर्क
पश्चिमशरीरा। यमुना का जल स्तर और बढ़ा तो बुंदेलखंड को अवध से जोड़ने के लिए महेवाघाट में बने पुल पर परिवहन बंद करना पड़ सकता है। पानी पुल से ठीक छह फिट नीचे से बह रहा है। शनिवार को पुल पर परिवहन बंद किए जाने की अफवाह फैली थी। चित्रकूट, बांदा आदि को लखनऊ से जोड़ने में कौशाम्बी के महेवाघाट स्थित यमुना नदीं के पुल और लेहदरी के गंगा नदी पर बने पुल की अहम भूमिका है। इन दोनों पुलों की बदौलत बुंदेलखंड और लखनऊ की दूरी काफी कम हो जाती है। शनिवार को किसी ने अफवाह फैला दिया कि महेवाघाट स्थित पुल के काफी करीब यमुना का पानी आ गया। इसके कारण पुल पर आवागमन बंद करा दिया गया है। इसे लेकर उस मार्ग पर यात्रा करने वाले लोग परेशान हो उठे। वह लोग मीडिया के लोगों से फोन पर पुल के संचालन के बाबत जानकारी लेने लगे। बाद में पता चला कि पुल पर परिवहन बंद होने की बात सिर्फ अफवाह थी।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed