उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर मंगलवार को गांव चहका गुनार में शोभायात्रा के रास्ते को लेकर बवाल हो गया। एक जाति विशेष के लोगों ने गली में ट्रैक्टर, थ्रेशर और अन्य वाहन खड़े कर शोभायात्रा का रास्ता रोक लिया। पुलिस ने रास्ता खुलवाने की कोशिश की तो छतों से पथराव शुरू कर दिया।
सूचना पर डीएम और एसपी कई थानों की फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागकर और बल प्रयोग कर उपद्रवियों को खदेड़ा। पुलिस ने 10 से ज्यादा उपद्रवियों को हिरासत में लिया। इसके बाद रात में उसी रास्ते से शोभायात्रा को निकाला गया।
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कासगंज में रास्ते में बुग्गी खड़ी कर आंबेडकर शोभायात्रा रोकी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गांव चहका गुनार में मंगलवार दोपहर करीब 2:45 बजे शोभायात्रा शुरू हुई। करीब 3:30 बजे शोभायात्रा चहका की एक गली में पहुंची तो जाति विशेष के अराजक तत्वों ने रास्ता रोककर विरोध शुरू कर दिया। दोनों पक्षों में विवाद हो गया।
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कासगंज में रास्ते में थ्रेशर मशीन खड़ी कर आंबेडकर शोभायात्रा रोकी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस ने रास्ते की अनुमति होने की बात कह वाहनों को हटाने की बात कही तो उपद्रव शुरू कर दिया। देखते ही देखते घरों की छतों से पुलिस पर ईंट-पत्थर चलने लगे। सहावर थाने में तैनात सिपाही अश्वनी मलिक घायल हो गए। सूचना पर एएसपी सुशील कुमार, एडीएम दिग्विजय सिंह, एसडीएम एसएन त्रिपाठी और सीओ सहावर शाहिदा नसरीन कई थानों का फोर्स लेकर मौके पर पहुंच गए।
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कासगंज में रास्ते में ट्रैक्टर ट्रॉली खड़ी कर आंबेडकर शोभायात्रा रोकी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अधिकारी काफी देर तक उपद्रव कर रहे लोगों को समझाने का प्रयास करते रहे लेकिन करीब डेढ़ घंटे तक पथराव चलता रहा। शाम करीब 6:10 बजे पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और हल्का बल प्रयोग कर उपद्रवियों को खदेड़ा। कई उपद्रवी घर छोड़कर भाग निकले। रात करीब 7 बजे डीएम प्रणय सिंह व एसपी ओपी सिंह ने गांव पहुंचकर हालात का जायजा लिया। इसके बाद दोबारा शोभायात्रा आगे रवाना हुई।
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कासगंज में आंबेडकर शोभायात्रा रोकने पर पुलिस पर पथराव
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पहले से थी तैयारी, जमा कर रखे थे ईंट-पत्थर
उपद्रवियों ने गांव चहका गुनार में आंबेडकर शोभायात्रा के दौरान बवाल की तैयारी पहले से कर ली थी। शोभायात्रा का रास्ता रोकने के लिए वाहन और पथराव कर माहौल खराब करने के लिए घरों की छतों पर पहले से ईंट-पत्थर जमा कर रख लिए थे। बवाल की पूरी साजिश रचने वाले अब पुलिस के रडार हैं।