कासगंज में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म करने के आरोपियों ने पहले तो दरिंदगी की, लेकिन जब पुलिस के हत्थे चढ़े तो पुलिस से रहम की भीख मांगते रहे, लेकिन पुलिस ने किसी भी आरोपी को नहीं बख्शा। सभी के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की।
मंगेतर के सामने दरिंदगी: इन आठ 'दरिंदों' ने बर्बाद की लड़की की जिंदगी, मांग रहे रहम की भीख, तस्वीरें आईं सामने
कासगंज में नाबालिग लड़की से सामूहिक दुष्कर्म के आठ आरोपियों को पुलिस ने दबोच लिया। पुलिस की गिरफ्त में आते ही आरोपियों को अपनी गलती का एहसास होने लगा। वे हाथ जोड़कर रहम की भीख मांगते नजर आए।
राज्य महिला आयोग की सदस्य रेनू गौड़ ने इस मामले को गंभीरता से लिया। जानकारी मिलने पर वे पीड़िता के घर पहुंची। उन्होंने बताया कि पहले तो पीड़िता कार्रवाई को तैयार नहीं हुई। काफी प्रयास के बाद पीडिता सामने आई।उसे समझाया गया। उसे भरोसा दिया गया। इसके बाद वह कार्रवाई को तैयार हुई।
सामूहिक दुष्कर्म के मामले में सोशल मीडिया पर भी लोग सक्रिय रहे। सोशल मीडिया पर सत्तापक्ष से आरोपियों से संबंध की चर्चाएं होती रहीं। लोगों ने सत्तापक्ष के नेताओं के साथ आरोपियाें के फोटो भी वायरल किए।
छोड़ने के लिए मांग रहे थे 50 हजार रुपये
किशोरी से दुष्कर्म के बाद आरोपियों ने पीड़िता और उसके मंगेतर को धमकी देते हुए 50 हजार रुपये की मांग की। बाद में यूपीआई के जरिए खाते में पांच हजार रुपये ट्रांसफर कराए। रुपये मिल जाने के बाद ही दोनों को छोड़ा। पुलिस को दी तहरीर में पीड़िता ने दो आरोपियों को ही नामजद किया था लेकिन जब यूपीआई से रुपये ट्रांसफर किए जाने की जानकारी हुई तो पुलिस ने खाताधारक की हिस्ट्री खंगाली और उसे पकड़कर पूछताछ की। इसके बाद उसकी निशानदेही पर बाकी आरोपियों को गिरफ्तार किया। घटना के साक्ष्य जुटाने के लिए फोरेंसिक टीम को भी लगाया गया। टीम ने माैके पर पहुंचकर साक्ष्य इकट्ठा किए।
फोन कर बुलाया साथियों को
गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया कि युवक व किशोरी को अकेले देखकर उन्होंने अपने दूसरे साथियों को फोन कर बुलाया। बाद में सभी ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया।