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आज है उस लेखक और पत्रकार का जन्मदिन जिसपर लगे थे अश्लीलता परोसने के आरोप

Fri, 11 May 2018 04:37 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Fri, 11 May 2018 04:37 PM IST
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Writer Saadat Hasan Manto Birthday special
सआदत हसन मंटो जन्मदिन विशेष
पचास और साठ के दशक में जिस राइटर की कहानियां युवाओं में सिर चढ़कर बोलती थीं आज उस 'विवादित लेखक' का जन्मदिन है। हम बात कर रहे हैं सआदत हसन मंटो की। मंटो उर्दू और हिंदी के मशहूर लेखक थे, जो अपनी लघु कथाओं- बू, खोल दो, ठंडा गोश्त और चर्चित टोबा टेकसिंह के लिए प्रसिद्ध हुए। कहानीकार होने के साथ-साथ वे फिल्म और रेडिया पटकथा लेखक और पत्रकार भी थे। अपने छोटे से जीवनकाल में उन्होंने बाइस लघु कथा संग्रह, एक उपन्यास, रेडियो नाटक के पांच संग्रह, रचनाओं के तीन संग्रह और व्यक्तिगत रेखाचित्र के दो संग्रह प्रकाशित किए।

 
Writer Saadat Hasan Manto Birthday special
सआदत हसन मंटो जन्मदिन विशेष
मंटो का जन्म 11 मई 1912 को ब्रिटिश इंडिया के समराला (लुधियाना) जिले में हुआ था। अमृतसर के मुस्लिम हाईस्कूल से मंटो ने अपनी शुरुआती पढ़ाई की। फिर 1931 में उन्होंने हिंदू सभा कॉलेज में दाखिला लिया। जलियांवाला बाग का नरसंहार 1919 में जब हुआ तब मंटो महज 7 साल के थे। इतनी छोटी उम्र में भी उनके मन में ये घटना गहरी छाप छो़ड़ गई थी। क्रांतिकारी दिमाग और अतिसंवेदनशील हृदय ने उन्हें मंटो बना दिया. मंटो की पहली कहानी 'तमाशा' थी जो जालियांवाला बाग की घटना से निकल कर आई थी। एक 7 साल के बच्चे की नजर से देखा गया जलियांवाला नरसंहार का जिक्र मंटो ने 'तमाशा' में किया। 
 
Writer Saadat Hasan Manto Birthday special
सआदत हसन मंटो
1936 में मंटो का पहला मौलिक उर्दू कहानियों का संग्रह प्रकाशित हुआ, उसका शीर्षक था 'आतिशपारे'। अलीगढ़ में मंटो अधिक नहीं ठहर सके और एक साल पूरा होने से पहले ही अमृतसर लौट गये। वहां से वह लाहौर चले गये, जहां उन्होंने कुछ दिन 'पारस' नाम के एक अख़बार में काम किया और कुछ दिन के लिए 'मुसव्विर' नामक साप्ताहिक का संपादन किया।
कहानियों में अश्लीलता के आरोप की वजह से मंटो को छह बार अदालत जाना पड़ा था, जिसमें से तीन बार पाकिस्तान बनने से पहले और बनने के बाद, लेकिन एक भी बार मामला साबित नहीं हो पाया। इनके कुछ कार्यों का दूसरी भाषाओं में भी अनुवाद किया गया है।

 
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ये हैं मंटो की कुछ कृतियां...

Writer Saadat Hasan Manto Birthday special
सआदत हसन मंटो
मंटो के अफसाने – 1940, धुआँ – 1941, अफसाने और ड्रामे – 1943, लज़्ज़त-ए-संग - 1948, स्याह हाशिए -1948, बादशाहत का खात्मा – 1950, खाली बोतलें – 1950, लाऊड स्पीकर (Sketches), गंजे फरिश्ते (Sketches), Manto ke Mazameen, नमरूद की खुदाई – 1950, ठंडा गोश्त – 1950, याज़िद – 1951, पर्दे के पीछे – 1953, सड़क के किनारे – 1953, बग़ैर उनवान के (बिना शीर्षक) – 1954, बग़ैर इजाज़त – 1955, बुर्क़े – 1955, Phunduney (Tassles) – 1955, सरकंडों के पीछे -1955, शैतान – 1955, शिकारी औरतें – 1955, रत्ती, माशा, तोला" -1956, काली सलवार – 1961, मंटो की बेहतरीन कहानियाँ – 1963, ताहिरा से ताहिर – 1971
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