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विश्व होम्योपैथी दिवसः असाध्य बीमारियों को जड़ से खत्म करती है ये चिकित्सा, जानें खास बातें
शिखा पाण्डेय, कानपुर
Updated Tue, 10 Apr 2018 02:15 PM IST
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अाज होम्योपैथी चिकित्सा सिर्फ सर्दी और जुकाम को ठीक करने मात्र की पैथी नहीं रही बल्कि इसमें विज्ञान और अनुसंधान के कारण असाध्य रोगों को भी जड़ से ठीक करने की क्षमता है। यही कारण है कि होम्योपैथी चिकित्सा को लोग अब ज्याता तरजीह देने लगे हैं।
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होम्योपैथी चिकित्सा बाजार तेजी से अपने पांव पसार रही है। जिन लोगों को एलोपैथी चिकित्सका पद्धति पर भरोसा कम होता है, वे होम्योपैथी चिकित्सा कराने को ही तरजीह देते हैं। लेकिन आपको बता दें कि होम्योपैथी दवा खाने के नियम, कायदे सब अलग हैं। यदि मरीज उन कायदों व नियमों का पालन नहीं करता है, तो उसके ठीक होने की संभावना काफी कम होती है। वास्तव में होम्योपैथी एक तरह से नियमों और कायदों को मानने वाली चिकित्सकीय पद्धति है, क्योंकि यह पद्धति काफी हद तक प्राकृतिक पद्धति से जुड़ी हुई है।
इन बातों का रखें ध्यान
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- होम्योपैथी दवाइयों को खुले में न रखें। इसके प्रयोग के बाद इन्हें अच्छे से पैक कर दें।
- होम्योपैथी की दवा चाहे लिक्विड फार्म में हो या गोलियों के रूप में, किसी ठंडी जगह पर रखें।
- होम्योपैथी दवा का यह नियम है कि उन्हें कभी भी हाथ में नहीं लेना चाहिए। इसके उलट आप बोतल खोलकर दवा को सीधे मुंह में ले लें। हाथ के इस्तेमाल से दवा का प्रभाव कम हो सकता है।
- होम्योपैथी की दवा चाहे लिक्विड फार्म में हो या गोलियों के रूप में, किसी ठंडी जगह पर रखें।
- होम्योपैथी दवा का यह नियम है कि उन्हें कभी भी हाथ में नहीं लेना चाहिए। इसके उलट आप बोतल खोलकर दवा को सीधे मुंह में ले लें। हाथ के इस्तेमाल से दवा का प्रभाव कम हो सकता है।
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- इन दवाइयों को खाने के बाद 30 मिनट तक कुछ न खाएं।
- होम्योपैथी दवाइयों को अन्य दवाओं से मिक्स न करें।
- होम्योपैथी चिकित्सा के दौरान अन्य दवाइयों के सेवन से पहले डॉक्टर की राय अवश्य लें।
- होम्योपैथी दवाइयों को अन्य दवाओं से मिक्स न करें।
- होम्योपैथी चिकित्सा के दौरान अन्य दवाइयों के सेवन से पहले डॉक्टर की राय अवश्य लें।
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होम्योपैथी के जनक
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डॉक्टर हैनिमैन को होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति का जनक माना जाता है। हैनिमैन के अनुसार होम्योपैथिक इलाज की दवा में मौजूद सक्रिय तत्वों को पारम्परिक रूप से हिलाने पर जो कम्पन होता है उससे एक तरह की ऊर्जा उत्पन्न होती है, यह ऊर्जा रोग का नाश करती है।