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PHOTOS: फेसबुक से महिलाओं को जोड़ा फिर बना दिया ये अनोखा 'बाइक राइडर्स गैंग'

Sun, 31 Dec 2017 09:37 AM IST
रविंदर सिंह भाटिया, अमर उजाला, कानपुर
रविंदर सिंह भाटिया, अमर उजाला, कानपुर Updated Sun, 31 Dec 2017 09:37 AM IST
सार

- महिला बाइकर्स ने दिया बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का संदेश
- महिला हेल्पलाइन 181, महिला सशक्तीकरण को निकली यात्रा
- 23 दिसंबर को हुआ था शुभारंभ, सीएसए में किया गया समापन

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women bike riders gang reached in kanpur
महिला बाइक राइडर्स ने एक हजार किलोमीटर बाइक चलाई और पहुंचीं कानपुर - फोटो : अमर उजाला

मन में बेटियों के प्रति जज्बात, मजबूत इरादों के साथ महिला बाइक राइडर्स शनिवार को कानपुर पहुंचीं तो उनका भव्य स्वागत किया गया। 23 दिसंबर से शुरू हुई राइडिंग में महिला राइडर ने प्रदेश के कई जिलों में बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ और बेटियों को अधिकार दिलाने की अपील की। बाइक राइडिंग का यह संदेश दिया कि  बेटियां पुरुषों से कम नहीं है। शुक्रवार को कानपुर के चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय में से सम्मानित किया गया। 
 

टीम 23 दिसंबर से उत्तर प्रदेश भ्रमण पर निकली थी

women bike riders gang reached in kanpur
महिला बाइक राइडर्स ने 1 हजार किलोमीटर बाइक चलाई और पहुंचीं कानपुर
महिला हेल्पलाइन 181 और बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ का संदेश देने के लिए बाइक राइडर पल्लवी फौजदार की अगुवाई में 10 महिलाओं की टीम 23 दिसंबर से उत्तर प्रदेश भ्रमण पर निकली थी। अमर उजाला अभियान से जुड़ी बाइकर्स ने अभियान का नाम ‘गूंज’ रखा है। बुलंदशहर से शुरू हुई थी रैली गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ, बागपत, मुजफ्फर नगर, सहारनपुर, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, कन्नौज होते हुए कानपुर में समापन किया गया।

 

गांवों में जाकर बेटियों के हालात देखे

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महिला बाइक राइडर्स ने 1 हजार किलोमीटर बाइक चलाई और पहुंचीं कानपुर
पल्लवी फौजदार ने मुख्य मार्ग पर पड़ने वाले गांवों में जाकर बेटियों के हालात देखे। महिला समाख्या संस्था द्वारा चलाए जा रहे महिला हेल्प लाइन 181, बेटियों को बचाना, शिक्षा व्यवस्था समेत महिला हितकारी योजनाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने अपने राइडिंग के दौरान अपने अनुभव साझा किए। बताया कि बागपत के डोरा गांव में बेटियों की शिक्षा पर विशेष फोकस किया गया है। वहां बेटियां अंग्रेजी में बात करती है। सास- बहू भी बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच रखती है। इस सोच का हर जगह पहुंचाना ही हमारा मकसद है।

 
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बेटियां नहीं होगी तो मानव समाज खतरे में पड़ जाएगा

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महिला बाइक राइडर्स ने 1 हजार किलोमीटर बाइक चलाई और पहुंचीं कानपुर
कई जिलों में बेटियों का अनुपात बहुत कम है, बेटियां नहीं होगी तो मानव समाज खतरे में पड़ जाएगा। मुख्य अतिथि मंडलायुक्त पीके महान्ति की पत्नी इला महान्ति ने सभी बाइकर्स को प्रमाण पत्र कर सम्मानित किया। इस मौके पर परियोजना निदेशक महिला समाख्या स्मृति सिंह, प्रोबेशन अधिकारी श्रुति शुक्ला, सीपीओ लखनऊ पुनीत मिश्रा, विनाता त्रिपाठी आदि मौजूद रहे। 
 
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ये हैं राइडर्स

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महिला बाइक राइडर्स ने 1 हजार किलोमीटर बाइक चलाई और पहुंचीं कानपुर
पल्लवी फौजदार (आगरा), सीमा सेठ (नोएडा), तरुणा सिंह (राजस्थान), निर्मलीनाथ (असम), ऐनी शर्मा (असम), मोनिशा (दिल्ली), चारू गुप्ता (लखनऊ), अनीता कृष्णा (चेन्नई) , मोनिका सचदेवा, सुनीता सहगल।
 
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