यूपी के कानपुर शहर व आसपास के जिलों में रविवार देर शाम बिगड़े मौसम ने फिर जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। धूल भरी आंधी से दिन में ही अंधेरा छा गया। बिगड़े मौसम के कारण अब तक 22 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। विभाग ने फिर से मौसम बिगड़ने की चेतावनी दी है।
सेंट्रल यूपी में आंधी, बारिश, अोले से अब तक 22 से ज्यादा की मौत, मौसम विभाग ने फिर दी ये चेतावनी
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बिगड़े मौसम से विभिन्न जिलों में टिन शेड उड़ने, बिजली के पोल उखड़ने और आपूर्ति ठप होने की खबर है। हमीरपुर, बांदा, जालौन, चित्रकूट, इटावा और फतेहपुर में ओले भी गिरे। उन्नाव के हसनगंज क्षेत्र के दुर्गाखेड़ा गांव में आंधी के दौरान आग लगने से 15 घर जल गए। कन्नौज में पेड़ गिरने से महिला की मौत हो गई।
कानपुर नगर में 70 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से आंधी चली और हल्की बारिश हुई। सरसैया घाट चौराहे के पास पेड़ गिरने से यातायात ठप हो गया। शास्त्रीनगर में पेड़ गिरने से दीवार टूट गई। वीआईपी रोड पर हाईटेंशन लाइन के चार खंभे टूट गए। शाम करीब छह बजे तेज हवा से बाधित हुई बिजली आपूर्ति जगह-जगह फाल्ट होने से देर रात तक बहाल नहीं हो सकी। उन्नाव में भी बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
सबसे ज्यादा नुकसान आम की फसल को हुआ। ग्रामीण क्षेत्रों में पेड़ गिरने से पोल और तार टूटने की सूचना है। हसनगंज के दुर्गाखेड़ा गांव में 15 घर आग लगने से जल गए। इटावा के भरथना क्षेत्र में कुछ स्थानों पर ओले गिरे, जिससे गेहूं की फसल और आम की फसल को नुकसान हुआ।