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यूपी: झमाझम बारिश में डूब गया कानपुर, चित्रकूट में बढ़ा मंदाकिनी का पानी, जनजीवन अस्त व्यस्त
Thu, 13 Aug 2020 12:53 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 13 Aug 2020 12:53 PM IST
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चित्रकूट में डूब गया मंदाकिनी का घाट, कानपुर में डूब गई सड़कें और पुल
- फोटो : amar ujala
उत्तर प्रदेश के कानपुर सहित आसपास के 13 जिलों में बुधवार देर रात मौसम ने करवट ली तो सुबह पूरा शहर और कई जिलों में सड़कें पूरी डूब गईं। चित्रकूट में मंदाकिनी का जलस्तर बढ़ गया। जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया। जहां भीषण गर्मी-उमस, चिलचिलाती धूप से लोगों को राहत मिली वहीं घरों में पानी भरने से लोगों का जीना दूभर हो गया। बुधवार देर रात कानपुर सहित आसपास के जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश ने दस्तक दी। पूरी रात हुई बारिश ने अधिकारियों के दावों की पोल खोल दी।
घरों में भर गया पानी
- फोटो : amar ujala
मेयर प्रमिला पांडेय ने ट्रैक्टर पर बैठ कर जिन इलाकों में पानी भरा है उनका जायजा लिया। नाला सफाई के नाम पर अधिकारियों की खानापूर्ति का परिणाम है कि शहर के वीवीआईपी इलाकों सहित कई जगह थोड़ी देर हुई बारिश ने यातायात को अस्त-व्यस्त कर दिया। यूपी के उन्नाव, कन्नौज, फर्रूखाबाद, फतेहपुर, बांदा, महोबा, उरई में हुई बारिश ने सड़कों को जलमग्न कर दिया।
बारिश के बाद डूब गई सड़क
- फोटो : amar ujala
कई जगह जाम लगा तो कई जगह जलभराव भी देखने को मिला। कहीं पूल डूब गया तो कहीं जलभराव के चलते ईरिक्शा सड़क पर पलट गया। कानपुर के सिविल लाइंस इलाके में जहां मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, उपमहानिरीक्षक, पुलिस लाइन और प्रशासनिक अधिकारियों के बंगले हैं उस क्षेत्र में जलभराव ने लोगों को परेशान कर दिया।
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ट्रैक्टर पर बैठ कर निरीक्षण करती मेयर प्रमिला पांडेय
- फोटो : amar ujala
लगभग 1 किलोमीटर लंबे जलभराव में कई गाड़ियां फंसीं। डर के मारे कई वाहन चालकों ने दूसरे रास्ते से गाड़ियां घुमा कर निकालीं। इलाकाई लोगों ने बताया कि जलभराव हर साल मानसून आते देखने को मिलता है।
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करंट से चिपकर युवक की मौत
- फोटो : amar ujala
नाला सफाई के लिए खानापूर्ति करने के लिए नगर निगम के अधिकारी नालियों से सिल्ट निकालते हैं मगर उस को नाली के बगल में ही छोड़ देते हैं। बारिश आते ही ये गंदगी फिर नालों में चली जाती है, जिसके कारण बारिश आने से नालों का पानी सड़कों पर और सड़कों का पानी घरों तक आता है फिर जाम की स्थिति बनती है। वहीं एक ट्रांसफार्मर के पास पानी भरने से करंट की चपेट में आकर एक युवक की मौत भी हो गई। लोगों ने उसे करंट से तड़पते देखा तो डंडे मारकर पहले अलग किया फिर ट्रांसफार्मर के पास से खींचा।