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आतंकी के ‘गांव में भूचाल’, हिंदुस्तान को बर्बाद करने की साजिश रच रहा था सलीम
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 18 Jul 2017 01:50 PM IST
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संदिग्ध आतंकी सलीम मुंबई में गिरफ्तार
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आंतकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से सलीम के जुड़े होने की बात सामने आते ही फतेहपुर के बंदीपुर गांव में भूचाल सा आ गया है। बूढ़ी अम्मी को तो यकीन नहीं है कि उनकी औलाद ऐसी हो सकती है। हालांकि कुछ न कुछ होगा ही। यह बात जैसे ही जेहन में कौंधती है तो वह अपना चेहरा ढक लेती है। दूसरी ओर पड़ोसियों को भी जरा सा एतबार नहीं कि उनके बीच कभी रहने वाला सीधा साधा शख्स इतना बड़ा आंतकवादी हो सकता है।
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सलीम की मां फातिमा
दुबई में रहकर मुल्क में आंतकवाद फैलाने के आरोप में मुंबई में दबोचे गए फतेहपुर हथगाम थाना क्षेत्र के बंदीपुर गांव में जिस वक्त से उसकी असलियत सामने आई है। चर्चाओं का बाजार गरम हो उठा है। हर किसी की निगाह सलीम के घर और उसकी बूढ़ी अम्मी एहसान फातमा पर उठ रही है। भले ही सलीम का असली चेहरा बेनकाब हो गया है, लेकिन उसे पैदा करने वाली एहसान फातमा को जरा सा इल्म नहीं कि उसकी औलाद ऐसी हो सकती है। वह कहती है कि मेरा सलीम कभी ऐसा नहीं था।
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संदिग्ध आतंकी सलीम मुंबई में गिरफ्तार
जब तक वह साथ रहा, ऐसी कोई हरकत नहीं कि जिससे उसमें अपराधिक झलक मिलती। या अल्लाह! क्या सच है। इतना कहते ही वह दोनों हाथ से अपना चेहरा ढक लेती है। कंपकंपाते ओठ कुछ कहने को होते हैं लेकिन जुबां से बात निकलने से पहले ही वह खामोश हो जाती हैं। पड़ोस के इरफान कहते हैं कि उन्होंने 10 साल पहले सलीम को देखा था। तब वह ऐसा नहीं दिखता था। परिवार की आर्थिक हालत कमजोर होने पर उसे गांव के कई लोगों ने बाहर जाने की खातिर मदद की थी। पांच महीने पहले सलीम के पिता मुकीम की मौत हो गई थी।
सलीम का गांव
पिछले साल उसकी बहन का निकाह भी हुआ था। उम्मीद थी कि वह आएगा, लेकिन नहीं आया। पड़ोस में रहने वाले मुबारक अली की बेटी सलीम के भाई को ब्याही है। बकौल मुबारक, सलीम को जब तक देखा, एतबार नहीं रहा कि एक दिन वह ऐसी छवि के साथ दुनिया के सामने होगा। अल्लाह यह बात झूठ हो। पड़ोसी जमील अहमद भी कुछ ऐसा ही सोचते हैं। जमील की माने तो गांव के अंबेडकर स्कूल में कक्षा पांच तक की पढ़ाई करने वाले सलीम का स्वभाव मिलनसार था। वह काफी सीधा था। पता नहीं कैसे इनता बड़ा अपराधी बन गया।