{"_id":"5f1d16438ebc3e63931604bc","slug":"vikas-dubey-news-kesco-officer-used-to-fear-jai-now-sent-ultimatum-to-cut-connection-for-not-depositing-bill","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"विकास के खजांची जय से खौफ खाते थे बिजली अफसर, अब भेजा बिल जमा न कराने पर कनेक्शन काटने का अल्टीमेटम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विकास के खजांची जय से खौफ खाते थे बिजली अफसर, अब भेजा बिल जमा न कराने पर कनेक्शन काटने का अल्टीमेटम
Sun, 26 Jul 2020 11:26 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 26 Jul 2020 11:26 AM IST
विज्ञापन
vikas dubey news
- फोटो : amar ujala
दहशतगर्द विकास दुबे का खजांची ब्रह्मनगर निवासी जय बाजपेई और उसके भाई रजय बाजपेई पर कृपा बरसाने वाले बिजली विभाग के अफसरों ने अब अल्टीमेटम नोटिस भेजा है। दोनो की दबंगई से केस्को कर्मी (कानपुर इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंपनी) से लेकर अफसर तक डरते थे। नोटिस भेजने की खानापूरी के बाद भी वे बकायेदारी नहीं खत्म करा पाते थे। जनवरी 2020 में जवाहर नगर सबस्टेशन में तैनात जेई शहजाद खान को क्षेत्र के पवन गुप्ता ने अपने साथियों के साथ मिलकर जमकर पीटा था। इसकी एफआईआर नजीराबाद थाने में दर्ज है। बताया जाता है कि पवन गुप्ता की जय-रजय के साथ बैठकी थी।
vikas dubey news
- फोटो : amar ujala
कुछ लाइनमैन व अफसरों से थी सेटिंग
दोनों भाइयों के अलावा क्षेत्र के दबंगों की केस्को में कुछ लाइनमैनों और अफसरों सेटिंग रहती थी। नोटिस को भेजने से पहले संबंधित को आगाह कर दिया जाता था। जेई शहजाद पर हुए हमले में भी संविदा पर तैनात एक कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी। उसे शहजाद के पहले रहे जेई ने केस्को में बतौर दलाल सेट कराया था। बकायेदारी के खिलाफ अभियान में जब लाइन काटी जाती थी तो जय-रजय और पवन जैसे दबंगों की बिजली संविदा लाइनमैन ही जोड़ आते थे। इसमें अफसरों की मौन सहमति रहती थी। इस भूमिका की भी अब जांच होगी।
दोनों भाइयों के अलावा क्षेत्र के दबंगों की केस्को में कुछ लाइनमैनों और अफसरों सेटिंग रहती थी। नोटिस को भेजने से पहले संबंधित को आगाह कर दिया जाता था। जेई शहजाद पर हुए हमले में भी संविदा पर तैनात एक कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी। उसे शहजाद के पहले रहे जेई ने केस्को में बतौर दलाल सेट कराया था। बकायेदारी के खिलाफ अभियान में जब लाइन काटी जाती थी तो जय-रजय और पवन जैसे दबंगों की बिजली संविदा लाइनमैन ही जोड़ आते थे। इसमें अफसरों की मौन सहमति रहती थी। इस भूमिका की भी अब जांच होगी।
vikas dubey news
- फोटो : amar ujala
विवादित रहा जरीब चौकी डिवीजन
जरीब चौकी पिछले दो तीन सालों में बेहद विवादित रहा है। इसके अधीन आने वाले चमनगंज, जवाहर नगर और जरीब चौकी सबस्टेशन में हुए कारनामों की जांच मुख्यालय तक हो रही है। चमनगंज में पिछली दिवाली के पहले 12 लाख रुपये के उपकरणों को बेचने की जांच विजिलेंस से लेकर ऊर्जा मंत्री के यहां से हो रही है। जवाहर नगर सबस्टेशन में कनेक्शन देेने के खेल, भ्रष्टाचार की शिकायत की जांच आरटीआई कार्यकर्ता सौरभ मिश्रा की मांग पर ऊर्जा मंत्री कार्यालय से कराई जा रही है।
जरीब चौकी पिछले दो तीन सालों में बेहद विवादित रहा है। इसके अधीन आने वाले चमनगंज, जवाहर नगर और जरीब चौकी सबस्टेशन में हुए कारनामों की जांच मुख्यालय तक हो रही है। चमनगंज में पिछली दिवाली के पहले 12 लाख रुपये के उपकरणों को बेचने की जांच विजिलेंस से लेकर ऊर्जा मंत्री के यहां से हो रही है। जवाहर नगर सबस्टेशन में कनेक्शन देेने के खेल, भ्रष्टाचार की शिकायत की जांच आरटीआई कार्यकर्ता सौरभ मिश्रा की मांग पर ऊर्जा मंत्री कार्यालय से कराई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
vikas dubey news
- फोटो : amar ujala
केस्को अफसरों ने बड़ी-बड़ी बकाएदारी के बावजूद सिर्फ दिखाने के लिए चार कनेक्शन पर नोटिस और एक कुर्की की कार्रवाई दिसंबर 2019 में की थी। 72 हजार की बकाएदारी पर तहसील कार्रवाई करती उससे पहले ही उसका ओटीएस में रजिस्ट्रेशन कराकर 12 हजार जमा करा लिए गए। अभी तक कुर्की चल रही है। तहसीलदार अतुल कुमार के मुताबिक केस्को ने ओटीएस की कोई जानकारी नहीं दी है। एमडी को पत्र भेजकर कुर्की वापस कराऊंगा नहीं तो जमा 12 हजार के अलावा और पैसा वसूला जाएगा। भाई रजय के कनेक्शन पर दो लाख बकाया होने के बावजूद आरसी तक जारी नहीं की गई। सिर्फ नोटिस देकर छोड़ दिया गया।
विज्ञापन
vikas dubey news
- फोटो : amar ujala
विकास दुबे के फंड मैनेजर जय की केस्को के डिवीजन जरीब चौकी में तैनात अफसरों से लेकर लाइनमैन तक सेटिंग थी। लाइनमैन त्योहारी सीजन में जयकांत बाजपेयी के यहां आकर दस्तक देते थे। अपने रसूख के बूते ही जय वाजपेयी अपने बकाया बिजली को कभी भी समय पर जमा किया ही नहीं। ये दीगर बात है कि मामला तूल पकड़ने पर चौबीस घंटे पहले 1.92 लाख रुपए जमा करा दिए हैं। केस्को के विभागीय अफसरों की संलिप्तता पर जांच शुरू हो गई है।
दबंगई करने के बाद भी केस्को स्टाफ लगातार काम करता रहा। क्षेत्रीय दबंगों ने जनवरी 2020 में केस्को के जेई पर हमला किया, उसे मारापीटा। इसकी एफआईआर दर्ज है लेकिन कार्रवाई नहीं हुई है। बकायेदारी, नोटिस में हीलाहवाली पर विभाग जांच करेगा।
चंद्रशेखर अंबेडकर, मीडिया प्रभारी, केस्को