{"_id":"5f04427b0afb9a33b309a5fb","slug":"vikas-dubey-kanpur-police-encounter-news-big-disclosure-in-vikas-encounter-case","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Kanpur Encounter: सीओ को जघन्य वारदात की थी आशंका, शहीद देवेंद्र मिश्र का एसएसपी को लिखा गया पत्र वायरल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur Encounter: सीओ को जघन्य वारदात की थी आशंका, शहीद देवेंद्र मिश्र का एसएसपी को लिखा गया पत्र वायरल
Tue, 07 Jul 2020 03:23 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 07 Jul 2020 03:23 PM IST
विज्ञापन
दिवंगत सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्र
- फोटो : अमर उजाला
बिकरू गांव में एनकाउंटर मामले के बाद पुराने एसएसपी के कारनामों का खुलासा हुआ है। थानेदार दहशतगर्द विकास से मिला हुआ था। रंगदारी के एक केस से विकास का नाम बाहर कर दिया था। इस संबंध में दिवंगत सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्र ने तत्कालीन एसएसपी अनंत देव को एसओ के खिलाफ पत्र लिखा था।
विकास दुबे और दिवंगत सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्र
- फोटो : अमर उजाला
सीओ ने भविष्य में जघन्य वारदात होने की भी आशंका जताई थी। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। चौबेपुर के बिकरू गांव निवासी रोली शुक्ला ने विकास दुबे, धर्मेंद्र, शिवम दुबे, अमर दुबे, वैभव दुबे, गोपाल सैनी पर रंगदारी मांगने, गालीगलौज, जान से मारने की धमकी और मारपीट की धाराओं में 13 मार्च को एफआईआर दर्ज कराई थी। चौबेपुर एसओ रहते विनय तिवारी ने जांच अधिकारी अजहर से विकास दुबे का नाम केस से बाहर करवा दिया था।
हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे
- फोटो : अमर उजाला
इसकी जानकारी होने पर बिल्हौर सीओ देवेंद्र मिश्र ने एसएसपी को पत्र लिखा था, जिसमें बताया था कि विकास खूंखार अपराधी है। उसका नाम बाहर करने में थानेदार की मिलीभगत है। अगर वह ऐसे ही छूटता रहा तो किसी न किसी दिन वह बड़ी जघन्य वारदात को अंजाम देगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
कानपुर एनकाउंटर में शहीद पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
पत्र को गंभीरता नहीं लिया
सीओ ने शिवली थाने में भाजपा नेता संतोष शुक्ला की हत्या का भी जिक्र कर विकास की दहशत के बारे में भी बताया था। हैरानी की बात यह है कि सीओ के इस पत्र को तत्कालीन एसएसपी अनंत देव ने गंभीरता से नहीं लिया। थानेदार पर उनकी मेहरबानी जारी रही। विकास दुबे पर भी कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में अब जब ऐसी घटना को विकास दुबे ने अंजाम दिया है और उसमें थानेदार की मिलीभगत सामने आ रही है, उसमें तत्कालीन एसएसपी पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सीओ ने शिवली थाने में भाजपा नेता संतोष शुक्ला की हत्या का भी जिक्र कर विकास की दहशत के बारे में भी बताया था। हैरानी की बात यह है कि सीओ के इस पत्र को तत्कालीन एसएसपी अनंत देव ने गंभीरता से नहीं लिया। थानेदार पर उनकी मेहरबानी जारी रही। विकास दुबे पर भी कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में अब जब ऐसी घटना को विकास दुबे ने अंजाम दिया है और उसमें थानेदार की मिलीभगत सामने आ रही है, उसमें तत्कालीन एसएसपी पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
विज्ञापन
कानपुर एनकाउंटर में आठ पुलिसकर्मी शहीद
- फोटो : अमर उजासा
असलहों से लैस होकर पहुंचा था विकास
रोली शुक्ला ने एफआईआर दर्ज कराई थी कि उसके पति पुनीत शुक्ला एक निजी दुग्ध उत्पादन कंपनी में काम करते हैं। 13 मार्च को विकास और उसके गुर्गे उनके घर में घुस आए। सभी दो सेमी ऑटोमैटिक गन, एक राइफल, एक पिस्टल, एक रिपिटर लिए थे। दो लाख की रंगदारी मांगी। विरोध पर पुनीत को पीटा और फिर दो दिन के भीतर रकम देने की धमकी दी। न देने पर परिवार को जान से मारने की धमकी दी थी।
रोली शुक्ला ने एफआईआर दर्ज कराई थी कि उसके पति पुनीत शुक्ला एक निजी दुग्ध उत्पादन कंपनी में काम करते हैं। 13 मार्च को विकास और उसके गुर्गे उनके घर में घुस आए। सभी दो सेमी ऑटोमैटिक गन, एक राइफल, एक पिस्टल, एक रिपिटर लिए थे। दो लाख की रंगदारी मांगी। विरोध पर पुनीत को पीटा और फिर दो दिन के भीतर रकम देने की धमकी दी। न देने पर परिवार को जान से मारने की धमकी दी थी।