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बिकरू कांड: एनकाउंटर में एसटीएफ, हमीरपुर व इटावा पुलिस को क्लीन चिट, मजिस्ट्रेट जांच में दोनों एनकाउंटर सही
Mon, 25 Jan 2021 03:45 AM IST
शिखा पांडेय
सूरज शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
सूरज शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 25 Jan 2021 03:45 AM IST
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कानपुर एनकाउंटर
- फोटो : अमर उजाला
विकास दुबे के खास गुर्गों अमर और प्रवीण दुबे उर्फ बउआ का एनकाउंटर करने वाली एसटीएफ और हमीरपुर व इटावा पुलिस को मजिस्ट्रेटी जांच में क्लीन चिट मिल गई है। मजिस्ट्रेटी जांच में दोनों एनकाउंटर सही पाए गए हैं। दोनों जिलों के डीएम ने जांच रिपोर्ट शासन व न्यायिक आयोग को सौंप दी है।
कानपुर एनकाउंटर
- फोटो : अमर उजाला
बिकरू गांव में दो जुलाई 2020 को विकास दुबे और उसके गुर्गों ने आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी फरार हो गए थे। आठ जुलाई की सुबह एसटीएफ हमीरपुर के मौदहा कोतवाली क्षेत्र में बदमाशों की तलाश कर रही थी तभी इंगोहटा मार्ग पर अमर दुबे दिखाई दिया था।
विकास दुबे का एनकाउंटर
- फोटो : अमर उजाला
एसटीएफ के साथ मौदहा पुलिस भी थी। एसटीएफ और पुलिस ने जब पीछा किया तो अमर ने उन पर गोलियां चला दी थीं। जवाबी कार्रवाई में अमर मारा गया था। मौदहा कोतवाली के एसएचओ मनोज कुमार शुक्ला घायल हो गए थे। मजिस्ट्रेटी जांच एडीएम हमीरपुर वीपी श्रीवास्तव को सौंपी गई थी।
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विकास दुबे एनकाउंटर
- फोटो : अमर उजाला
एडीएम ने जांच पूरी कर रिपोर्ट भेज दी है। जांच में एसटीएफ व पुलिस के दावे को सच पाया है। इसी तरह प्रवीण दुबे भी वारदात के बाद से फरार था। नौ जुलाई की सुबह इटावा पुलिस ने उसे ट्रेस कर लिया था। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के लोहन्ना चौराहे के पास मुठभेड़ में प्रवीण मारा गया था।
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कानपुर एनकाउंटर
- फोटो : amar ujala
इटावा डीएम ने एनकाउंटर की मजिस्ट्रेटी जांच कराई। इसमें भी पुलिस की कार्रवाई सही पाई गई। जांच में पाया गया कि प्रवीण झारखंड निवासी एक परिवार को तमंचे की नोक पर धमकाकर उनकी कार लूटकर फरार हुआ था। पुलिस ने घेरा बंदी की तो प्रवीण ने गोलियां चला दीं। दोनों तरफ से 30 राउंड फायरिंग हुई। इसमेें प्रवीण मारा गया। इसी आधार पर मजिस्ट्रेट ने इटावा पुलिस को भी क्लीन चिट दे दी।