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विकास दुबे के खजांची गैंगस्टर जय बाजपेई की पत्नी श्वेता पर लगे ये आरोप, पुलिस को इस बात का शक
Sun, 20 Sep 2020 10:27 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 20 Sep 2020 10:27 AM IST
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जय बाजपेई एवं पत्नी श्वेता
- फोटो : amar ujala
विकास दुबे के खजांची जय बाजपेई के आपराधिक इतिहास, अपराध से अर्जित की गई संपत्तियों और अपराध जगत से जुड़े लोगों से जय व उसके परिजनों के संपर्कों की जांच खुफिया विभाग भी कर रहा है। अधिवक्ता सौरभ भदौरिया ने बताया कि विभागीय अधिकारियों ने बयान दर्ज कर लिए हैं।
जय बाजपेई की हिस्ट्रीशीट खुली
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि एसआईटी ने जांच पूरी कर ली है। लगभग 5700 पेज की रिपोर्ट तैयार की गई है। सोमवार तक रिपोर्ट शासन को सौंपी जा सकती है। जयकांत बाजपेई के नाम पर चार जनवरी 2016 को मेसर्स अक्षय इंटरप्राइजेज नाम से फर्म का रजिस्ट्रेशन कराया गया।
विकास दुबे के करीबी जय का सटोरियों से कनेक्शन
- फोटो : अमर उजाला
फर्म का पता 107/299 ब्रह्मनगर दर्ज कराया गया। हैंडलूम, टेक्सटाइल व ठेकेदारी के लिए बनी इस फर्म में कागजों में ही लेनदेन होते रहे। इसी तरह 25 अगस्त 2017 को 107/298 ब्रह्मनगर से रजिस्टर्ड फर्म मेसर्स लक्ष्मी इलेक्ट्रॉनिक्स में भी कागजी फर्जीवाड़ा चलता रहा।
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विकास दुबे कांड
- फोटो : अमर उजाला
जय की पत्नी श्वेता बाजपेई के नाम 13 जून 2019 को 111/481 हर्षनगर के पते से रजिस्टर्ड फर्म लक्ष्मी कार एक्सेसरीज में भी खरीद और बिक्री का सभी काम सिर्फ कागजों में ही होता रहा। सौरभ का कहना है कि फर्म के नाम पर खातों से पैसों का हस्तांतरण दिखाया गया, जबकि पैसा अवैध कामों से कमाया।
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जय बाजपेई और विकास दुबे की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि बिकरू कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे के करीबी जय बाजपेई को पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। बिकरू कांड की साजिश में शामिल होने के आरोप में उसे जेल भेज दिया गया। उसकी कई संपत्तियों को सीज कर दिया गया है। जय और उसके भाईयों के पासपोर्ट भी रद्द करने की प्रक्रिया शुरु कर दी गई है।