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कुदरकोट कांडः तीसरे साधु की मौत, सिहर जाते हैं लोग जब याद आता है मंदिर में उस रात का दर्दनाक मंजर
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Mon, 27 Aug 2018 12:42 PM IST
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मृतक साधु रामशरण फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
यूपी के औरैया जिले में बिधूना कोतवाली क्षेत्र के कुदरकोट स्थित भयानक नाथ मंदिर में 14 अगस्त की रात हुए दोहरे हत्याकांड में गंभीर रूप से घायल तीसरे साधु ने रविवार की सुबह सैफई अस्पताल में दम तोड़ दिया। साधू की मौत की खबर मिलते ही एसडीएम और सीओ समेत जिले के सभी थानों का फोर्स कुदरकोट पहुंच गया। साधु का शव तीन बजे उसके पैतृक गांव बीबीपुर पहुंचा। गांव के समीप खेतों पर समाधि दे दी गई।
शव आने पर विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
कुदरकोट के भयानक नाथ मंदिर में 14 अगस्त की रात साधु लज्जाराम निवासी बजारहार, हरभजन निवासी खितौरा बकेवर (इटावा) की गोवध का विरोध करने पर हत्या कर दी गई थी। इस खूनी वारदात में एक साधु 70 वर्षीय रामशरण पुत्र गंगाराम निवासी बीबीपुर थाना बिधूना को गंभीर हालत में सैफई में भर्ती कराया गया था। जहां उसका इलाज चल रहा था। रविवार को सुबह 8 बजे रामशरण की भी मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही परिवार के लोगों में कोहराम मच गया।
शव आने पर गांव पहुंचे अधिकारी और पुलिस फोर्स
- फोटो : अमर उजाला
सूचना पर उपजिलाधिकारी अजीतमल विजय प्रताप व क्षेत्राधिकारी बिधूना भास्कर वर्मा, अजीतमल क्षेत्राधिकारी लालता प्रसाद शुक्ला समेत जिले के सभी थानो का फोर्स कुदरकोट पहुंच गया। एरवाकटरा थानाध्यक्ष राजदेव प्रजापति पहले ही सैफई पहुंच गए थे। उनकी मौजूदगी में इटावा में ही शव का पोस्टमार्टम किया गया। वह रामशरण का शव लेकर तीन बजे पैतृक गांव बीबीपुर पहुंचे। करीब पांच बजे गांव के समीप खेतों पर समाधि दे दी गई।
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पुलिस हिरासत में हत्यारोपी (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
रक्षाबंधन के पर्व और तीसरे साधु की मौत की खबर को सुनकर रविवार को पुलिस प्रशासन ने बीबीपुर और कुदरकोट गांव में तगड़ा पहरा बैठा दिया। जब तक तीसरे साधु को समाधि नहीं दे दी गई तब तक अधिकारी मौके से हिले नहीं। इस दौरान रक्षाबंधन पर भाई की मौत से साधु की बहन का रो-रोकर बुरा हाल रहा। पत्नी और बच्चे भी बेहाल से दिखाई पड़े। साधु के पैतृक गांव में मातम पसरा रहा।
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