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'रक्षाबंधन का दिन दे गया न भरने वाला जख्म', भाइयों की दर्दनाक मौत, शव देख बेहाल हुई बहन
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 26 Aug 2018 11:45 PM IST
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नदी में डूबे भाइयों की तलाश के लिए बिछाया गया जाल
- फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में रक्षाबंधन पर बहन और पुरवावासियों के साथ मंदाकिनी नदी गए दो सगे भाई नहाते समय पैर फिसलने से गहरे पानी में डूब गए। जिन्हें ढू़ंढने के लिए सीतापुर व राजापुर से 15 मल्लाह व गोताखोर पुलिस जवान बुलाए गए। सात घंटे के प्रयास के बाद दोनों भाइयों के शव बाहर निकाले गए। शव देखते ही परिजन व कई ग्रामीण गश खाकर गिर पड़े जिन्हें प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। दोनों भाई हाईस्कूल के छात्र और कोतवाली क्षेत्र के कसहाई अनुसुइयापुरवा के निवासी थे।
नदी में डूबे भाइयों की तलाश के लिए बिछाया गया जाल
- फोटो : अमर उजाला
रविवार की सुबह लगभग 9 बजे रक्षाबंधन पर कोतवाली क्षेत्र के कसहाई अनुसुईया पुरवा निवासी घनश्याम (18) पुत्र राजेंद्र प्रसाद अपनी छोटी बहन लक्ष्मी के साथ कजलिया प्रवाहित करने के लिए बनकट के पास मंदाकिनी नदी पहुंचा था। साथ में छोटा भाई धनराज (17) भी पुरवावासियों के साथ आया था। पुरवा की युवतियों व बालिकाओं ने कजलिया को नदी में प्रवाहित कर लौटने लगीं तो वहां मौजूद पुरवा के सभी लोग नदी में नहाने लगे। इस दौरान धनराज का पैर फिसला और वह पानी के अंदर गिर पड़ा। वहां मौजूद बडे़ भाई घनश्याम ने यह देखा तो उसने छोटे भाई को बचाने के लिए छलांग लगा दी लेकिन वह अपने भाई को नहीं पकड़ पाया। खुद वह भी गहरे पानी डूब गया। कुछ देर तक दोनों बाहर नहीं आए तो अन्य ग्रामीणों ने तलाश शुरू की लेकिन सफलता नहीं मिली।
रोते-बिलखते परिजनों को ढांढस बंधाते लोग
- फोटो : अमर उजाला
मंदाकिनी में बाढ़ से बनकट गांव के पास नदी में ज्यादा पानी व गहराव था। दो सगे भाइयों के डूबने की जानकारी होते ही पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार झा, सदर एसडीएम इंदुप्रकाश, अपर एसपी बलवंत चौधरी व कोतवाल अनिल सिंह मय फोर्स व गोताखोर के साथ पहुंचे। तीन घंटे के प्रयास के बाद जब गोताखोर दो में से किसी को नहीं ढूंढ पाए तो एसपी ने राजापुर व सीतापुर से 15 मल्लाह व गोताखोरों को विशेष रूप से बुलवाया गया।
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डूबे भाइयों की तलाश के दौरान निर्देश देते एसपी व अपरएसपी
- फोटो : अमर उजाला
शाम को चार बजे मल्लाहों ने बडे़ भाई घनश्याम को ढूंढ निकाला फिर इसके 15 मिनट बाद छोटे भाई धनराज को भी निकाल लिया। तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। दोनों शव बाहर आते ही मृतक के परिजन उससे लिपट कर रोने लगे। कुछ तो बेहोश हो गए जिन्हें प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने दोनों भाइयों के शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम को भेजा। मृतक भाई हाईस्कूल के छात्र थे। दोनों ज्ञानभारती इंटर कालेज में पढ़ते थे।