अधिवक्ता पंजीकरण कराने के बाद वकालत न करके कोई अन्य पूर्णकालिक व्यवसाय या नौकरी करने वाले वकीलों पर अब बार एसोसिएशन ने शिकंजा कसा है। बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी की बैठक में सर्वसम्मति से एक बड़ा फैसला लिया गया है।
वकालत के अतिरिक्त नौकरी या व्यापार करने वाले वकीलों को डिबार करने का फैसला लिया गया। यह भी कहा गया कि ऐसे वकीलों की शिकायत बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश की जाएगी।
रामनाथ सेठ हॉल में बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी की बैठक अध्यक्ष राधाकृष्ण पांडेय की अध्यक्षता में हुई। इसमें कार्यकारिणी के समक्ष प्रस्ताव रखा गया कि बहुत वकील ऐसे हैं जो सरकारी एवं गैर सरकारी स्थाई पूर्णकालिक सेवाओं में कार्यरत हैं। स्थायी पूर्णकालिक व्यापार करते हैं। इन लोगों ने बतौर अधिवक्ता अपना पंजीकरण बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश में करा रखा है लेकिन वह वकालत नहीं करते हैं। यह बात भी सामने आई कि कुछ ऐसे तथाकथित अधिवक्ता भी कचहरी में घूम रहे हैं जो पंजीकरण न होते हुए भी जनता के बीच खुद को वकील बताकर गलत काम करके वकीलों की छवि खराब करते हैं।
बैठक में दोनों प्रस्तावों पर सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि ऐसे लोगों को चिह्नित किया जाएगा। बार एसोसिएशन ने ऐसे वकीलों को एक अंतिम अवसर देते हुए अपील की है कि जो लोग पूर्णकालिक नौकरी या व्यवसाय करते हैं तो खुद ही एसोसिएशन दफ्तर आकर अपना पंजीकरण निलंबित करवा कर परिचय पत्र समर्पण कर दें।