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कानपुर: पुलिस विभाग में तैनात 900 होमगार्ड हटाए जाने के बाद पहले ही दिन बिगड़ गई चौराहों की ‘चाल’
Wed, 16 Oct 2019 01:26 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 16 Oct 2019 01:26 PM IST
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कानपुर ट्रैफिक
- फोटो : अमर उजाला
प्रदेश सरकार के आदेश के बाद पुलिस विभाग में तैनात 900 होमगार्डों को हटाए जाने से कानपुर की ट्रैफिक व्यवस्था धड़ाम हो गई। दरअसल शहर के कई चौराहे होमगार्डों के ही भरोसे हैं। मंगलवार को चौराहों पर इनके न होने से वाहन चालकों की मनमानी से जाम लगा। इसके अलावा थानों में थाना प्रभारी से लेकर सिपाही तक होमगार्डों के न होने से परेशान हुए। पहले जहां एक चौराहे पर चार-चार होमगार्ड होते थे, वहां एक या दो ही नजर आए।
कानपुर ट्रैफिक
- फोटो : अमर उजाला
कुछ चौराहों का आंखों देखा हाल
नौबस्ता चौराहा : नौबस्ता चौराहे पर तीन होमगार्ड नजर आए। इस चौराहे पर लगने वाले जाम की स्थिति को देखते हुए छह होमगार्डों की तैनाती रहती थी। मंगलवार को मुख्यमंत्री के नगर आगमन के कारण यहां उनकी कमी को ट्रैफिक पुलिस की मदद से पूरा किया गया। दोपहर करीब दो बजे यहां यातायात रुक रुक चलता नजर आया। मुख्यमंत्री के जाने के बाद चौराहे के हालात बदतर होते चले गए।
नंदलाल चौराहा : नंदलाल चौराहे पर अक्सर जाम लगता है। राहगीरों को जाम से बचाने के लिए अभी तक दो से तीन होमगार्डों की ड्यूटी लगती थी। मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे यहां एक होमगार्ड ही नजर आया। चौराहे पर पूरा दिन यातायात रुक-रुककर चलता रहा। कई बार जाम की भी स्थिति बनी।
बड़ा चौराहा : बड़ा चौराहे पर पहले एक एसआई, तीन सिपाही और चार होमगार्ड यातायात संभालते थे। प्रदेश सरकार के आदेश के बाद यहां से तीन होमगार्ड हटा दिए गए। मंगलवार को यहां एक ही सिपाही ट्रैफिक संभालता नजर आया। हालांकि बाकी सिपाही, एसआई और एक होमगार्ड मुख्यमंत्री योगी के कार्यक्रम में थे।
रामादेवी चौराहा : रामादेवी चौराहे पर दोपहर एक बजे तीन होमगार्ड तैनात थे। आमतौर पर यहां पांच से छह होमगार्ड रहते थे। होमगार्डों की कमी के चलते प्रयागराज की ओर से आने वाला यातायात प्रभावित नजर आया। लखनऊ रूट की ओर ई-रिक्शा, रोडवेज बसों के अलावा अवैध स्टैंट पर वैन खड़ी होने के कारण जाम लगता रहा।
नौबस्ता चौराहा : नौबस्ता चौराहे पर तीन होमगार्ड नजर आए। इस चौराहे पर लगने वाले जाम की स्थिति को देखते हुए छह होमगार्डों की तैनाती रहती थी। मंगलवार को मुख्यमंत्री के नगर आगमन के कारण यहां उनकी कमी को ट्रैफिक पुलिस की मदद से पूरा किया गया। दोपहर करीब दो बजे यहां यातायात रुक रुक चलता नजर आया। मुख्यमंत्री के जाने के बाद चौराहे के हालात बदतर होते चले गए।
नंदलाल चौराहा : नंदलाल चौराहे पर अक्सर जाम लगता है। राहगीरों को जाम से बचाने के लिए अभी तक दो से तीन होमगार्डों की ड्यूटी लगती थी। मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे यहां एक होमगार्ड ही नजर आया। चौराहे पर पूरा दिन यातायात रुक-रुककर चलता रहा। कई बार जाम की भी स्थिति बनी।
बड़ा चौराहा : बड़ा चौराहे पर पहले एक एसआई, तीन सिपाही और चार होमगार्ड यातायात संभालते थे। प्रदेश सरकार के आदेश के बाद यहां से तीन होमगार्ड हटा दिए गए। मंगलवार को यहां एक ही सिपाही ट्रैफिक संभालता नजर आया। हालांकि बाकी सिपाही, एसआई और एक होमगार्ड मुख्यमंत्री योगी के कार्यक्रम में थे।
रामादेवी चौराहा : रामादेवी चौराहे पर दोपहर एक बजे तीन होमगार्ड तैनात थे। आमतौर पर यहां पांच से छह होमगार्ड रहते थे। होमगार्डों की कमी के चलते प्रयागराज की ओर से आने वाला यातायात प्रभावित नजर आया। लखनऊ रूट की ओर ई-रिक्शा, रोडवेज बसों के अलावा अवैध स्टैंट पर वैन खड़ी होने के कारण जाम लगता रहा।
कानपुर ट्रैफिक
- फोटो : अमर उजाला
यहां से हटाए गए 900 होमगार्ड
नगर नियंत्रण कक्ष से : 50
एसएसपी रिजर्व/पुलिस लाइन : 45
यातायात पुलिस लाइन : 70
विभिन्न थानों में : 735
नगर नियंत्रण कक्ष से : 50
एसएसपी रिजर्व/पुलिस लाइन : 45
यातायात पुलिस लाइन : 70
विभिन्न थानों में : 735
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कानपुर ट्रैफिक
- फोटो : अमर उजाला
अप्रैल में ही ये 900 होमगार्ड मिले थे। जैसे पहले काम चल रहा था, अब वैसे ही काम चलाया जाएगा।
- अनंतदेव, एसएसपी कानपुर।
त्योहारी सीजन में ड्यूटी कम होने से आर्थिक समस्या खड़ी हो गई है। पहले जहां कम से कम 11 महीने ड्यूटी करने को मिल जाती थी, अब मुश्किल से आठ महीने ही ड्यूटी करने को मिलेगी।
- छेदालाल, कंपनी नंबर 45, होमगार्ड
सरकार ने होमगार्डों का मानदेय बढ़ाकर भले ही वाहवाही लूट ली हो, लेकिन सच यह है कि इससे होमगार्डों का भारी नुकसान हुआ है। विभाग के पास बजट न होने के चलते ड्यूटी कम कर दी गई है। इससे अच्छा तो मानदेय ही न बढ़ाते तो अच्छा था।
- अतर सिंह, कंपनी नंबर 24, होमगार्ड
- अनंतदेव, एसएसपी कानपुर।
त्योहारी सीजन में ड्यूटी कम होने से आर्थिक समस्या खड़ी हो गई है। पहले जहां कम से कम 11 महीने ड्यूटी करने को मिल जाती थी, अब मुश्किल से आठ महीने ही ड्यूटी करने को मिलेगी।
- छेदालाल, कंपनी नंबर 45, होमगार्ड
सरकार ने होमगार्डों का मानदेय बढ़ाकर भले ही वाहवाही लूट ली हो, लेकिन सच यह है कि इससे होमगार्डों का भारी नुकसान हुआ है। विभाग के पास बजट न होने के चलते ड्यूटी कम कर दी गई है। इससे अच्छा तो मानदेय ही न बढ़ाते तो अच्छा था।
- अतर सिंह, कंपनी नंबर 24, होमगार्ड
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कानपुर ट्रैफिक
- फोटो : अमर उजाला
सभी होमगार्ड को मिलेगा काम, बेरोजगार नहीं होने देंगे : चेतन चौहान
बजट के कारण पुलिस महकमे से हटाए गए 25 हजार होमगार्ड को लेकर विभागीय मंत्री चेतन चौहान ने आश्वस्त किया है कि किसी भी होमगार्ड को बेरोजगार नहीं होने देंगे। रोटेशन के हिसाब से सभी होमगार्ड को काम मिलेगा। पुलिस महकमे से जो होमगार्ड हटाए भी जा रहे हैं उन्हें पुराने बजट के हिसाब से समायोजित करने का आग्रह भी किया गया है।
चेतन चौहान ने बताया कि पुलिस विभाग के अधिकारियों को सुझाव दिया है कि जो बजट 500 रुपये के हिसाब से पूरे साल भर का है इस बजट में ही आप जितने होमगार्ड को ड्यूटी दे सकते हैं, दे दीजिए। उन्होंने कहा कि फिर भी जो होमगार्ड हमारे पास वापस आएंगे उनकी ड्यूटियां लगाई जाएंगी। किसी को भी बेरोजगार नहीं किया जाएगा और न ही हटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि वित्त विभाग ने होमगार्ड के लिए अलग से बजट देने में कुछ परेशानी जाहिर की थी, जिसके बाद यह समस्या पैदा हुई। उन्होंने बताया कि बातचीत के जरिए जल्द ही इस समस्या का हल निकाला जाएगा।
बजट के कारण पुलिस महकमे से हटाए गए 25 हजार होमगार्ड को लेकर विभागीय मंत्री चेतन चौहान ने आश्वस्त किया है कि किसी भी होमगार्ड को बेरोजगार नहीं होने देंगे। रोटेशन के हिसाब से सभी होमगार्ड को काम मिलेगा। पुलिस महकमे से जो होमगार्ड हटाए भी जा रहे हैं उन्हें पुराने बजट के हिसाब से समायोजित करने का आग्रह भी किया गया है।
चेतन चौहान ने बताया कि पुलिस विभाग के अधिकारियों को सुझाव दिया है कि जो बजट 500 रुपये के हिसाब से पूरे साल भर का है इस बजट में ही आप जितने होमगार्ड को ड्यूटी दे सकते हैं, दे दीजिए। उन्होंने कहा कि फिर भी जो होमगार्ड हमारे पास वापस आएंगे उनकी ड्यूटियां लगाई जाएंगी। किसी को भी बेरोजगार नहीं किया जाएगा और न ही हटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि वित्त विभाग ने होमगार्ड के लिए अलग से बजट देने में कुछ परेशानी जाहिर की थी, जिसके बाद यह समस्या पैदा हुई। उन्होंने बताया कि बातचीत के जरिए जल्द ही इस समस्या का हल निकाला जाएगा।