उत्तर प्रदेश में फर्रुखाबाद जिले के कमालगंज थाना क्षेत्र में बेटे और चचेरे भाई को गंगा में डूबते देख किसान ने छलांग लगा दी। दो घंटे बाद किसान का शव गंगा से बरामद हो गया। बाकी के दो लोगों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने बताया कि अंधेरा होने के कारण तलाश बंद कर दी गई है।
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गहरे पानी में लापता हुए तीनों
तीनों गहरे पानी में लापता हो गए। रामसिंह की सूचना पर परिजन व ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। कल्लू नगला व जंजाली नगला के ग्रामीण डूबे हुए की तलाश में जुट गए। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया। घाट पर पहुंची शिवकुमार की पत्नी मीना, मां श्यामा देवी, संदीप की पत्नी रंजना रोती रही।
400 मीटर दूर मिला एक शव
जानकारी पर सीओ अमृतपुर रविंद्र नाथ राय भी फोर्स के साथ पहुंचे। पुलिस ने आजाद नगर भटपुरा से गोताखोरों को बुलाकर खोजबीन कराई। करीब दो घंटे बाद घटनास्थल से करीब 400 मीटर दूर स्थित जंजाली नगला गांव के पास से शिवकुमार का शव गोताखोरों ने बरामद कर लिया। अंधेरा हो जाने पर रात करीब आठ बजे गोताखोरों ने खोजबीन बंद कर दी।
अंधेरा होने पर कराई थी बंद खोजबीन
शिवकुमार के चार पुत्र रोहित, विवेक, दिव्यांशू व सत्यम हैं। चारों में रोहित सबसे बड़ा था। शिवकुमार के दो भाई शिवराम व मोहित हैं। संदीप के एक पुत्र सिद्धू व पुत्री दिव्यांशी है। सीओ रविंद्र नाथ राय ने बताया कि एक ही परिवार के तीन लोग गंगा में डूबे हैं। एक का शव बरामद कर लिया गया है।
लेखपाल ने पहुंचकर दिया मुआवजे का आश्वासन
एक ही परिवार के तीन लोगों के गंगा में डूब कर लापता होने की घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्रीय लेखपाल अभय त्रिवेदी घटनास्थल पर पहुंच गए। लेखपाल ने रामसिंह व प्रधान प्रमोद यादव से घटना के संबंध में पूछताछ की। लेखपाल ने परिवार को मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया।