फर्रुखाबाद जिले के कमालगंज थाना क्षेत्र में नहाते समय गंगा में डूबे तीन दोस्तों का दूसरे दिन दोपहर में एक-एक कर जनाजा उठा तो सभी की आंखें नम हो गई। इस दौरान परिजन बिलखते रहे। घटना से गांव में मातम छाया है। सूचना पर अशरफ का परिवार ननिहाल पहुंचा।
एक साथ उठे तीन जनाजे, रो पड़ा शेखपुर: हर किसी की आंखों से छलके आंसू, दादी बोली-अल्लाह, यह तेरा कैसा न्याय है
परिजनों के साथ पड़ोसियों भी बिलखने लगे
इस पर मां मैनाज, बहन फरहान, अकसा, इरम, अरविया व भाई रेहान रोकर बिलखने लगे। बड़ी मस्जिद के पास कब्रिस्तान में जोहेब के शव को दफन कराया गया। इसके बाद 11 बजे इरशाद के घर के दरवाजे पर रखा उजैव का जनाजा कब्रिस्तान के लिए रवाना हुआ। परिजनों के साथ पड़ोसियों भी बिलखने लगे।
दादी बोली- अल्लाह यह तेरा कैसा न्याय
दोपहर करीब दो बजे अरशद के शव को दफनाए जाने के लिए जनाजा दरवाजे से उठा, तो उसकी मां फरीम बेगम बहन, असरा, नसरा, अल्फीशा, अलीना व भाई अलकेश बिलखकर रोते रहे। दादी तस्वीस रोते हुए बोली पहले बेटे को उठा लिया अब नाती को। अल्लाह यह तेरा कैसा न्याय है।
मशीन से हुई गहराई ने लीं तीन जानें
भोजपुर गांव को कटान से बचाने के लिए बांध बनाने का काम चल रहा है। गंगा के बीच से मशीन द्वारा बालू को खींचकर बोरियों में भरकर लगाया जा रहा। इससे गंगा में अधिक गहराई हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि मशीन से बालू खींचने की बजह से हुई गहराई में जाने से तीनों दोस्तों की मौत हुई है।
मुआवजा दिलाने का आश्वासन मिला
बीती पांच मई को कल्लू नगला गांव के सामने मकूनगला निवासी शिवकुमार उसका पुत्र रोहित व चचेरा भाई संदीप बालू निकलने से हुए गड्ढे में जाने से डूब गए थे। इसमें रोहित और संदीप को अभी तक नहीं खोजा का सका। लेखपाल ने परिवार को मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया था।