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UP: कच्चे घाट में दफन हो गईं मुंडन संस्कार की खुशियां, भाई बोला- हमाए मामा और बहनी नदियां में बूड़ गए

Fri, 06 Jun 2025 06:41 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Fri, 06 Jun 2025 06:41 AM IST
सार

Kanpur News: इंस्पेक्टर अशोक कुमार सरोज ने बताया कि सभी शवों का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। उधर एसडीएम रश्मी लांबा ने बताया कि मृतकों के परिजनों को दैवीय आपदा के तहत 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की प्रक्रिया उच्चाधिकारियों के निर्देश पर शुरू की गई है।

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The happiness of Mundan Sanskar got buried in ghat brother said our maternal uncle and sister drowned in ganga
मृतकों की फाइल फाेटो - फोटो : amar ujala

कानपुर में बिल्हौर के गंगा कटरी गांव में अन्न प्राशन और मुंडन संस्कार की तैयारियां बीते कई दिनों से चल रहीं थी, लेकिन गुरुवार को एक साथ परिवार के तीन सदस्यों की गंगा नदी में डूबने से मौत के बाद मुंडन संस्कार की खुशियां मातम में बदल गईं। घटना के बाद पीड़ित परिवार की महिलाओं, बच्चों, पुरुषों का रो-रोकर हाल बेहाल है।



कल्लूपुरवा गांव निवासी सर्वेश कुमार की पहली पत्नी का निधन करीब आठ साल पहले ही हो चुका है। उनकी पहली पत्नी के दो बच्चे प्रियंका और विशाल हैं, जबकि दूसरी पत्नी सुनीता से उनका तीसरा बच्चा कन्हैया है, जिसका अन्न प्राशन व मुंडन संस्कार था। सर्वेश और सुनीता ने मुंडन संस्कार के लिए सभी नाते-रिश्तेदारों को बुलाया था, लेकिन गुरुवार सुबह हुई घटना में पुत्री प्रियंका, साला बलराम व संदीप की मौत के बाद मुंडन संस्कार की खुशियां मातम में बदल गईं।

The happiness of Mundan Sanskar got buried in ghat brother said our maternal uncle and sister drowned in ganga
घटनास्थल पर मौजूद पुलिस और ग्रामीण - फोटो : amar ujala

24 घंटे पहले ही बढ़ा गंगा का जलस्तर
कल्लपुरवा गांव निवासी शंभू, अखिलेश और टीपू आदि ने बताया कि बुधवार देर शाम से ही गंगा नदी का जलस्तर बढ़ गया। जलस्तर बढ़ने के साथ ही गंगा जल के साथ बड़ी संख्या में जलकुंभी भी आई है। सर्वेश की 10 वर्षीय पुत्र कक्षा 3 में जुलाहा प्राथमिक स्कूल में पढ़ती है और अकसर स्नान को नदी जाती है, लेकिन पानी का जलस्तर बढ़ने के कारण वह स्थित भांप नहीं सकी और गहरे पानी में शमा गई, जबकि कानपुर देहात निवासी उसके मामा बलराम और संदीप एक-दूसरे को बचाने में डूब गए। ग्रामीणों का दावा है कि यदि समय रहे डूब रहे लोग चिल्ला देते तो सभी को सकुशल निकाल लिया जाता।

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सीएचसी बिल्हौर में घटना की जानकारी लेते डीसीपी दिनेश त्रिपाठी व अन्य - फोटो : amar ujala

दुर्घटना के समय सर्वेश लेने गया था पत्नी की दवा
घर में मुंडन संस्कार होने के कारण सर्वेश इंतजाम करने में जुटे थे, लेकिन पत्नी सुनीता का उल्टी-बुखार आने पर धौरसलार दवा लेने गए थे, इसी बीच बलराम, संदीप, प्रिया व कई अन्य गंगा नहाने चले गए। सर्वेश ने बताया कि यदि वह घर पर होते तो एकसाथ सभी का न जाने देते यदि सभी जाते तो किसी न किसी गांव वाले को भी साथ भेजते या फिर स्वयं जाते। सर्वेश ने बताया कि सुबह का समय होने के कारण गंगा तट पर कोई भी ग्रामीण नहीं था, गांव के लोग खेतीबाड़ी के कामों और एक शादी समारोह की विदाई में व्यस्त थे।

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रोती बिलखती मां सुनीता की गोद में बालक कन्हैया, जिसका मुंडन होना था - फोटो : amar ujala

तीन माह पहले ही हुई थी बलराम की शादी
सर्वेश की बहन उर्मिला ने बताया कि बलराम की शादी अभी 4 माह पहले ही कोमल संग हुई है, घटना के बाद से कोमल ही नहीं पूरी परिवार को आफत आ गई है, हम सब सुबह गंगा नहाने जा रहे परिवारीजनों को रोक रहे थे, लेकिन वह गर्मी अधिक होने और गंगा दशहरा होने की बात कहते हुए कच्चे घाट की ओर चले गए और कुछ ही देर में डूबने की सूचना आ गई। घटना में बलराम का साला और मेरे मामा का लड़का संदीप जो अभी अविवाहित है वह भी डूब गया है।

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सीएचसी बिल्हौर में रोती बिलखती महिलाएं व बच्चे - फोटो : amar ujala

हम चिलात रहेन औउर हमाए मामा और बहनी नदियां में बूड़ गए
मृतक बच्ची प्रियंका के भाई विशाल ने बताया कि हम सब जन मामा संगहै नदिया नहान गए तेन, जब हमाई बहनी बूड़न लगी तो मामा बलराम ने दौड़ते हुए नदी में छलांग लगा दी, लेकिन पनडुब्बी होने, रेती में पांव गढ़ने साथ धारा तेज होने के कारण प्रियंका संगहै मामा बूड़न लगे, तौ संदीप मामौ बचावन लगे तो ओहू बुड़ि गए। जब हम रिया और रामविलास चच्चू चिल्लाने तब गांव वाले आए और सबका निकालो। सर्वेश के बुर्जुग पिता बेचेलाल और मां सुंदी ने रोते हुए बताया कि हाय दइया मौत बुला लाइ लरकन का, हम सब मना करत रहे लेकिन नाही माने और जान चली गई।

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