कानपुर में बिल्हौर के गंगा कटरी गांव में अन्न प्राशन और मुंडन संस्कार की तैयारियां बीते कई दिनों से चल रहीं थी, लेकिन गुरुवार को एक साथ परिवार के तीन सदस्यों की गंगा नदी में डूबने से मौत के बाद मुंडन संस्कार की खुशियां मातम में बदल गईं। घटना के बाद पीड़ित परिवार की महिलाओं, बच्चों, पुरुषों का रो-रोकर हाल बेहाल है।
कल्लूपुरवा गांव निवासी सर्वेश कुमार की पहली पत्नी का निधन करीब आठ साल पहले ही हो चुका है। उनकी पहली पत्नी के दो बच्चे प्रियंका और विशाल हैं, जबकि दूसरी पत्नी सुनीता से उनका तीसरा बच्चा कन्हैया है, जिसका अन्न प्राशन व मुंडन संस्कार था। सर्वेश और सुनीता ने मुंडन संस्कार के लिए सभी नाते-रिश्तेदारों को बुलाया था, लेकिन गुरुवार सुबह हुई घटना में पुत्री प्रियंका, साला बलराम व संदीप की मौत के बाद मुंडन संस्कार की खुशियां मातम में बदल गईं।
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घटनास्थल पर मौजूद पुलिस और ग्रामीण
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24 घंटे पहले ही बढ़ा गंगा का जलस्तर
कल्लपुरवा गांव निवासी शंभू, अखिलेश और टीपू आदि ने बताया कि बुधवार देर शाम से ही गंगा नदी का जलस्तर बढ़ गया। जलस्तर बढ़ने के साथ ही गंगा जल के साथ बड़ी संख्या में जलकुंभी भी आई है। सर्वेश की 10 वर्षीय पुत्र कक्षा 3 में जुलाहा प्राथमिक स्कूल में पढ़ती है और अकसर स्नान को नदी जाती है, लेकिन पानी का जलस्तर बढ़ने के कारण वह स्थित भांप नहीं सकी और गहरे पानी में शमा गई, जबकि कानपुर देहात निवासी उसके मामा बलराम और संदीप एक-दूसरे को बचाने में डूब गए। ग्रामीणों का दावा है कि यदि समय रहे डूब रहे लोग चिल्ला देते तो सभी को सकुशल निकाल लिया जाता।
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सीएचसी बिल्हौर में घटना की जानकारी लेते डीसीपी दिनेश त्रिपाठी व अन्य
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दुर्घटना के समय सर्वेश लेने गया था पत्नी की दवा
घर में मुंडन संस्कार होने के कारण सर्वेश इंतजाम करने में जुटे थे, लेकिन पत्नी सुनीता का उल्टी-बुखार आने पर धौरसलार दवा लेने गए थे, इसी बीच बलराम, संदीप, प्रिया व कई अन्य गंगा नहाने चले गए। सर्वेश ने बताया कि यदि वह घर पर होते तो एकसाथ सभी का न जाने देते यदि सभी जाते तो किसी न किसी गांव वाले को भी साथ भेजते या फिर स्वयं जाते। सर्वेश ने बताया कि सुबह का समय होने के कारण गंगा तट पर कोई भी ग्रामीण नहीं था, गांव के लोग खेतीबाड़ी के कामों और एक शादी समारोह की विदाई में व्यस्त थे।
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रोती बिलखती मां सुनीता की गोद में बालक कन्हैया, जिसका मुंडन होना था
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तीन माह पहले ही हुई थी बलराम की शादी
सर्वेश की बहन उर्मिला ने बताया कि बलराम की शादी अभी 4 माह पहले ही कोमल संग हुई है, घटना के बाद से कोमल ही नहीं पूरी परिवार को आफत आ गई है, हम सब सुबह गंगा नहाने जा रहे परिवारीजनों को रोक रहे थे, लेकिन वह गर्मी अधिक होने और गंगा दशहरा होने की बात कहते हुए कच्चे घाट की ओर चले गए और कुछ ही देर में डूबने की सूचना आ गई। घटना में बलराम का साला और मेरे मामा का लड़का संदीप जो अभी अविवाहित है वह भी डूब गया है।
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सीएचसी बिल्हौर में रोती बिलखती महिलाएं व बच्चे
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हम चिलात रहेन औउर हमाए मामा और बहनी नदियां में बूड़ गए
मृतक बच्ची प्रियंका के भाई विशाल ने बताया कि हम सब जन मामा संगहै नदिया नहान गए तेन, जब हमाई बहनी बूड़न लगी तो मामा बलराम ने दौड़ते हुए नदी में छलांग लगा दी, लेकिन पनडुब्बी होने, रेती में पांव गढ़ने साथ धारा तेज होने के कारण प्रियंका संगहै मामा बूड़न लगे, तौ संदीप मामौ बचावन लगे तो ओहू बुड़ि गए। जब हम रिया और रामविलास चच्चू चिल्लाने तब गांव वाले आए और सबका निकालो। सर्वेश के बुर्जुग पिता बेचेलाल और मां सुंदी ने रोते हुए बताया कि हाय दइया मौत बुला लाइ लरकन का, हम सब मना करत रहे लेकिन नाही माने और जान चली गई।