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महाकाल एक्सप्रेस के सभी कोचों में बजता है ओम नम: शिवाय मंत्र, भगवान शिव के अन्य भजनों की बजती है धुन
Mon, 17 Feb 2020 02:45 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 17 Feb 2020 02:45 PM IST
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काशी महाकाल एक्सप्रेस में मंदिर
- फोटो : ANI
वाराणसी से इंदौर के बीच चलने वाली आईआरसीटीसी की कॉरपोरेट ट्रेन काशी महाकाल एक्सप्रेस में भगवान शिव के लिए एक सीट रिजर्व रखी गई है। काशी महाकाल एक्सप्रेस रविवार को पहली बार कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर आई। ट्रेन में ओम नम: शिवाय मंत्र की धुन बज रही थी। ट्रेन के कोच बी-5 में साइड अपर सीट में भगवान शिव का छोटा सा मंदिर भी बनाया गया यहां पर पूजा-अर्चना के बाद नारियल फोड़कर इसका स्वागत किया गया।
पीएम मोदी ने काशी महाकाल एक्सप्रेस को दिखाई हरी झंडी।
- फोटो : अमर उजाला।
रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो ज्योतिर्लिंग को जोड़ने के लिए ट्रेन काशी-महाकाल एक्सप्रेस की शुरुआत की थी। मोदी ने वाराणसी कैंट स्टेशन पर वीडियो लिंक से वाराणसी से इंदौर के बीच चलने वाली इस गाड़ी को हरी झंडी दिखाई थी। भगवान शिव के तीन ज्योतिर्लिंगों ओंकारेश्वर, महाकालेश्वर और काशी विश्वनाथ को जोड़ने वाली काशी महाकाल एक्सप्रेस सप्ताह में दो दिन वाराणसी से इंदौर के बीच चलेगी। महाकाल एक्सप्रेस में 12 कोच हैं। सभी एसी थ्री टियर कोच हैं। आईआरसीटीसी की ओर से कैटरिंग सेवाएं दी यात्रियों को जाएंगी। ट्रेन में सर्विस देने वाले कर्मियों का ड्रेस केसरिया है। इसका टिकट ऑनलाइन मिलेगा।
काशी महाकाल एक्सप्रेस में मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
इस ट्रेन की खासियत यह है कि इसके एसी-3 श्रेणी के सभी कोच में हर समय ऊं नम: शिवाय मंत्र बजता रहता है। इस मंत्र समेत भगवान शिव के अन्य भजनों की धुन भी बजती रहती है। इसमें बैठने पर एहसास होगा कि यह ट्रेन काशी विश्वनाथ से महाकालेश्वर के दर्शन कराने जा रही है। पहले दिन कोच बी-5 में साइड अपर सीट में भगवान शिव का छोटा सा मंदिर भी बनाया गया। इसमें भजन कीर्तन वाली टोली भी शामिल रही। इसके अलावा इसमें यात्रियों का स्वागत करने के लिए भगवा-पीले वस्त्र धारण किए पुरुष ट्रेन होस्ट मौजूद रहे। वहीं, तेजस एक्सप्रेस में महिला ट्रेन होस्टेस हैं।
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काशी महाकाल एक्सप्रेस में मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, सोमवार सुबह ट्रेन में भगवान शिव के लिए सीट आरक्षित करने ने नए विचार के बाद रेलवे प्रशासन इस पर विचार कर रहा है कि ट्रेन में स्थायी तौर पर भगवान शिव के लिए एक सीट आरक्षित की जाए। उत्तर रेलवे के अनुसार काशी महाकाल एक्सप्रेस के कोच संख्या बी 5 की सीट संख्या 64 भगवान के लिए खाली की गई है। रेलवे के अनुसार ऐसा पहली बार हुआ है जब एक सीट भगवान शिव के लिए आरक्षित और खाली रखी गई है। सीट पर एक मंदिर भी बनाया गया है ताकि लोग इस बात से अवगत हों कि यह सीट मध्य प्रदेश के उज्जैन के महाकाल के लिए है। रेलवे ऐसा स्थायी तौर पर करने के लिए विचार कर रहा है।
Railway officials say that efforts will be made to keep the seat number 64 of coach B5 in Kashi Mahakal Express (Varanasi-Indore), reserved for Lord Shiva. The seat has been turned into a mini-temple of Lord Shiva. https://t.co/YuF8vmrWWn
— ANI UP (@ANINewsUP) February 17, 2020
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Kashi Mahakal Express Successful trial PM Modi will show green signal to train in varanasi
- फोटो : Kashi Mahakal Express Successful trial PM Modi will show green signal to train in varanasi
ट्रेन के सभी एसी-थ्री कोच खूबसूरत होने के साथ ही सुविधाजनक हैं। इसमें सुरक्षा का ध्यान रखते हुए सभी कोचों में सीसीटीवी कैमरे हैं। निगरानी के लिए कोच अटेंडेंट की सीट के ऊपर एलसीडी डिस्प्ले लगा है। इसके माध्यम से अटेंडेंट सभी गतिविधियों की निगरानी करेगा। दिक्कत होने पर बिना बुलाए फौरन पहुंच भी जाएगा। हालांकि, ट्रेन एस्कॉर्ट में आईआरसीटीसी का अपना एस्कॉर्ट है।