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PHOTOS: छह साल की कड़ी मेहनत और फिर उर्वशी ने कुछ यूं 'छू लिया आसमां'

Mon, 05 Nov 2018 06:14 PM IST
पुलकित तिवारी, अमर उजाला, कानपुर
पुलकित तिवारी, अमर उजाला, कानपुर Updated Mon, 05 Nov 2018 06:14 PM IST
सार

- फिलीपींस में होने वाली एशियन चैंपियन बेल्ट बॉक्सिंग में हुआ है चयन
- कई प्रतियोगिताओं में भाग लेकर शहर की बेटी ने किया देश का नाम रोशन
- पहले एशियन फिर वर्ल्ड चैंपियनशिप में तिरंगा लहराना है सपना

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Success story of Boxing Champion Urvashi singh
डेमो पिक
एशियन चैंपियनशिप के लिए चयनित कानपुर की बॉक्सिंग खिलाड़ी उर्वशी के भविष्य को लेकर कभी समाज के लोगों ने सवाल खड़े किए थे। मगर उन पर इसका कोई फर्क नहीं पड़ा और आज उन्होंने साबित कर दिया कि लगन और मेहनत से अपने सपने साकार किए जा सकते हैं। छह साल की कड़ी मेहनत के बाद वह देश की पहली ऐसी प्रोफेशनल बॉक्सिंग खिलाड़ी बन गईं हैं जिनका चयन इस चैंपियनशिप के लिए हुआ है। उर्वशी 18 नवंबर को फिलीपींस में होने वाली एशियन चैंपियन बेल्ट बॉक्सिंग चैंपियनशिप में हिस्सा लेंगी। उर्वशी पहले एशियन और फिर वर्ल्ड चैंपियनशिप जीतकर तिरंगा लहराना चाहती हैं।

 
Success story of Boxing Champion Urvashi singh
डेमो पिक
कानपुर निवासी उर्वशी ने 'अमर उजाला' से बातचीत के दौरान बताया कि इंटर की पढ़ाई पूरी करने के बाद 2012 में नोएडा के फिजिकल एजुकेशन कॉलेज में बीए में प्रवेश लिया था। वहां उनकी सीनियर मंजू बॉक्सिंग करती थीं। उन्हें देखकर उर्वशी को भी बॉक्सिंग का शौक चढ़ा। उन्होंने घर में बिना बताए ही कॉलेज में ट्रेनिंग लेनी शुरू कर दी। कुछ माह ट्रेनिंग के बाद मेरठ में हुई स्टेट चैंपियनशिप में हिस्सा लेकर उन्होंने स्वर्ण पदक जीता। अखबारों में खबर प्रकाशित र्हुई तो घर वालों को पता चला। पहले तो घर वालों ने कहा, ये खेल तुम पर अच्छा नहीं लगता, मगर उनकी मेहनत और सफलता देख घरवालों ने उनका उत्साहवर्धन करना शुरू कर दिया। समाज के लोगों ने भी उनके भविष्य को लेकर कई सवाल किए, मगर उसका उर्वशी पर कोई फर्क नहीं पड़ा और वह अपना लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत करती रहीं।
 
Success story of Boxing Champion Urvashi singh
भगवती प्रसाद दीक्षित की पुरानी तस्वीर
एकेडमी में एक मात्र महिला खिलाड़ी थी उर्वशी 
उर्वशी ने बताया कि अखबारों व गूगल में दिल्ली के रोशन सर के बारे में पढ़ा करती थीं। इसके बाद उनसे संपर्क किया तो उन्होंने यह कहते हुए ट्रेनिंग देने से मना कर दिया कि उनकी एकेडमी में कोई भी महिला खिलाड़ी ट्रेनिंग नहीं लेती है। उन्होंने काफी निवेदन किया और भरोसा दिलाया कि अच्छा प्रदर्शन कर शहर का नाम रोशन करेंगी। इसके बाद दिल्ली की रोशन टीम एकेडमी में उनका चयन हुआ और वे लड़कों के साथ ही अभ्यास करने लगी।
 
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डेमो पिक
ऐसा रहा सफर
2012 गुवाहाटी में यूथ वुमन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता।
2013-15 मेरठ में इंटर कॉलेज बॉक्सिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता।
2013 बिलासपुर में ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता।
2015 रायपुर में सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता।
2 जून 2018 थाईलैंड में हुई प्रतियोगिता में चार देशों के खिलाड़ियों को हराया था।
28 जून 2018 थाईलैंड में हुई प्रतियोगिता में भी चार देशों को हरा कर पहला स्थान प्राप्त किया।
8 जुलाई 2018 को थाईलैंड में हुई प्रतियोगिता में सात देशों के खिलाड़ियों को हरा कर पहला स्थान प्राप्त किया।
 
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Success story of Boxing Champion Urvashi singh
डेमो पिक
परिवार  
पिता निरंजन सिंह, मां चंद्रवती, बड़े भाई ब्रह्म सिंह, बहन रीनू, मीनू व अंजली। 
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