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नक्सलियों की तरह तैयार किया था तबाही का सामान, घर से बरामद बारूद बयां कर रही खौफनाक कहानी
Mon, 03 Feb 2020 01:25 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 03 Feb 2020 01:25 AM IST
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छूटने के बाद बंधक बनाए गए बच्चे, अंजली और अपहरणकर्ता सुभाष
- फोटो : अमर उजाला
फर्रुखाबाद में सुभाष के घर से मिले बारूद के जखीरे की शुरुआती जांच के बाद फोरेंसिक टीम का दावा है कि इस तरीके से बारूद का इस्तेमाल तो नक्सली हमला करने में करते हैं। बच्चों को बंधक बनाने वाले शातिर ने रिमोट व मोबाइल की एक क्लिक से विस्फोट करने वाले खतरनाक बम तैयार किए थे।
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अपहरणकर्ता सुभाष बाथम
- फोटो : अमर उजाला
विस्फोटक सामग्री को डिफ्यूज करने आए मुरादाबाद बम निरोधक दस्ता प्रभारी भी इसे देखकर दंग रह गए थे। सुभाष बाथम ने घर में मोबाइल व रिमोट से संचालित बम तैयार किए थे। उसके घर में खाने पीने की सामग्री से ज्यादा बम बनाने के उपकरण व गंधक पोटाश मिली थी। अफसर नीचे उसके कमरे में गए तो वहां इस तरह का सामान मिलने पर दंग रह गए थे।
ग्रामीणों की पिटाई से आरोपी सुभाष की पत्नी की मौत
- फोटो : अमर उजाला
कमरे में हर तरफ तारों को जाल फैलाया गया था। 12 वोल्ट की दो बैटरी रखी थीं। उनसे कनेक्ट कई बम भी पास में दबे मिले थे। 31 जनवरी को मुरादाबाद पुलिस लाइन से बम निरोधक दस्ता प्रभारी अरुण कुमार छह सदस्यीय टीम के साथ आए थे। अरुण ट्रैक सूट में फोरेंसिक टीम के साथ अंदर घुस गए थे। जब उन्होंने बोरी में एक-एक किलो के चार बम तार लगे देखे तो वे दंग रह गए।
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घटनास्थल पर मौजूद पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद रिमोट व मोबाइल से संचालित होने वाले बम देख बाहर निकल आए। इसके बाद वह अपनी गाड़ी पर गए और बम डिस्पोजल करने की पूरी ड्रेस व हेलमेट पहनकर फिर से अंदर गए। सबसे पहले उन्होंने रिमोट और मोबाइल की बैटरी को निकालकर अलग किया।
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घटनास्थल पर मौजूद पुलिसकर्मी
- फोटो : amar ujala
फिर विस्फोटक सामग्री व बम निकाला और गांव से एक किलोमीटर दूर देवेश चंदेल के बाग में 20 बम डिफ्यूज किए। टीम के वैज्ञानिक ओम प्रकाश ने शुरुआती जांच के बाद दावा किया है कि जिस तकनीक का इस्तेमाल सुभाष ने किया है वह नक्सली माइंस बिछाकर विस्फोट करने में करते हैं। वह भी इसी तरह के देसी बम बनाने माहिर होते हैं।