उन्नाव के एसपी कार्यालय में गुरुवार को कुछ ऐसा नजर आया जिसने भी देखा देखता रह गया। पासपोर्ट के सत्यापन के लिए एसपी कार्यालय पहुंचे बीटेक के दो छात्रों को सड़क पर 35 हजार रुपये पड़े मिले। दोनों ने ईमानदारी का मिसाल पेश करते हुए नोटों की गड्डी एसपी कार्यालय में एक पुलिसकर्मी को सौंप दी। इसकी जानकारी जब एसपी तक पहुंची तो उन्होंने छात्र को अपने पास बुलाया और उसकी ईमानदारी को सलाम ठोका और उनकी पीठ थपथपाई।
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एसपी कार्यालय में हर कोई देखता रह गया जब इस बीटेक छात्र को एसपी ने ठोका सलाम, वजह है बेहद खास
Fri, 21 Jun 2019 08:52 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
यूपी डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 21 Jun 2019 08:52 PM IST
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बीटेक छात्र शगुन
- फोटो : अमर उजाला
एसपी उन्नाव के साथ छात्र शगुन
- फोटो : अमर उजाला
आदर्श नगर मोहल्ला निवासी शगुन पांडेय व स्पर्श पांडेय पुत्र संजीव पांडेय दिल्ली के एक कॉलेज में बीटेक की पढ़ाई कर रहे हैं। दोनों ने पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था। सत्यापन के लिए गुरुवार सुबह दोनों भाई एसपी कार्यालय जा रहे थे। कार्यालय के गेट पास दोनों पहुंचे थे तो सड़क पर नोटों की एक गड्डी पड़ी नजर आई। नोटों की गड्डी उठाने के बाद कुछ क्षण वह सोचते रहे फिर रुपयों को उस तक पहुंचाने का फैसला लिया जिसके हों।
शगुन ने पुलिस कर्मी के पैसे लौटाए
- फोटो : अमर उजाला
दोनों भाई एसपी कार्यालय के भीतर पहुंचे और पुलिस को रुपये पड़े मिलने की जानकारी दी। नोट असली होने की पुष्टि होने पर पुलिसकर्मी भी दोनों भाइयों की ईमानदारी को दाद दी। नोटों की गिनती की गई तो सौ व पांच सौ के नोट के 35 हजार रुपये थे। दोनों ने एसपी के पीआरओ मनोज मिश्रा को रुपये सौंप दिए। पीआरओ ने दोनों को एसपी एमपी वर्मा से मिलाया। मामले की जानकारी होने और छात्रों की ईमानदारी से खुश हो एसपी एमपी वर्मा ने उसकी पीठ थपथपाई और शाबासी दी।
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बीटेक छात्र शगुन
- फोटो : अमर उजाला
एसपी ने बताया कि रुपये किस व्यक्ति के हैं यह अभी पता नहीं चल सका है। अगर कोई व्यक्ति दावा करता है कि रुपये उसके हैं तो इसकी पुष्टि कराने के बाद लौटाए जाएंगे।स्पर्श और शगुन के पिता संजीव पांडेय एलआईसी में अकाउंटेंट मैनेजर हैं और मां पूनम पांडेय गृहिणी। अपने बेटों की ईमानदारी पर माता-पिता का भी सिर गर्व से ऊंचा हो गया। माता-पिता ने बताया कि उन्होंने अपने बच्चों को हमेशा ईमानदारी सिखाई है। समझाया है कि जो चीज अपनी नहीं वह अपने किसी काम की नहीं।
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बीटेक छात्र शगुन
- फोटो : अमर उजाला
स्पर्श ने बताया कि रुपये मिलने पर उसके मन में विचार आया कि रुपये जिसके भी हैं बहुत मेहनत से कमाए होंगे। रुपयों को अपने पास रखने का कोई हक नहीं। बीटेक छात्र शगुन व स्पर्श ने पासपोर्ट के लिए दिए गए प्रपत्रों के सत्यापन में हो रही देरी की एसपी से शिकायत भी की। एसपी ने इसे गंभीरता से लिया और जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी कराने का आश्वासन दिया। जिसके बाद छात्र घर लौट गए।