मैं अमर हूं! क्या धरती पर ऐसा कहने वाला कोई इंसान है, जवाब मिलेगी नहीं। आखिर कोई अमर कैसे हो सकता है? मृत्यु जीवन का एक शाश्वत सत्य है। सत्य जानते हुए भी मनुष्य भयभीत रहता है। जिसका जन्म हुआ है उसकी मृत्यु भी निश्चित है। हमारे योगदृष्टा ऋषियों ने मृत्यु संकेतों का सारगर्भित विवेचन किया है।
ज्योतिषाचार्य व पं. नरेंद्र दीक्षित बता रहे हैं उन लक्षणों के बारे में जो बताते हैं कि मृत्यु का समय निकट है...
- बिना किसी कारण के मोटा शरीर पतला हो जाए और अचानक वजन घटने लगे तो मृत्यु समीप होती है।
- जिसके दांत बिना किसी कारण के काले पड़ जाएं।
- कर्णछिद्रों को बंद करने पर कोई आवाज न सुनाई दे तो भी आयु एक मास से अधिक नहीं होगी।
- दोनों नेत्रों को बंद करके नासिका के पास आंख का कोना दबायें, जिस दिन आंख का तारा न दिखे उस दिन से 10 दिन तक की आयु शेष है। शीघ्र मरण होगा।