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कानपुर के कीड़ों पर शोध करेंगे वैज्ञानिक, बनेगी डॉक्यूमेंट्री
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 13 Nov 2018 02:00 PM IST
सार
- विवि और जुलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के विशेषज्ञ 5 दिन करेंगे सर्वे
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विस्तार
कानपुर शहर में कीड़े और उनकी प्रजाति का पता करने के लिए छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) और जुलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (जेडएसआई) के विशेषज्ञ मिलकर काम करेंगे। कोलकाता से आ रहे जेडएसआई के वैज्ञानिक यहां पांच दिनों तक सीएसजेएमयू कैंपस में रहेंगे और रोज सुबह और शाम शहर के अलग-अलग हिस्सों में भ्रमण कर कीड़ों का सैंपल एकत्र करेंगे।
फिर इसकी जांच कर डीएनए बारकोडिंग तैयार की जाएगी। जेडएसआई की रिपोर्ट के आधार पर यह तय हो सकेगा कि शहर में कितनी प्रजाति के कीड़े हैं और वे किस-किस तरह डीएनए में परिवर्तन के साथ अपना स्वरूप बदल रहे हैं।
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फिर इसकी जांच कर डीएनए बारकोडिंग तैयार की जाएगी। जेडएसआई की रिपोर्ट के आधार पर यह तय हो सकेगा कि शहर में कितनी प्रजाति के कीड़े हैं और वे किस-किस तरह डीएनए में परिवर्तन के साथ अपना स्वरूप बदल रहे हैं।
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कीड़ों पर बनेगी डॉक्यूमेंट्री
पर्यावरण मंत्रालय के तहत कार्य करने वाली जेडएसआई टीम शहर के कीड़ों पर एक डाक्यूमेंट्री भी तैयार करेगी। साथ ही टीम यहां से अलग-अलग तरह के दिखने वाले कीड़ों को सैंपल के रूप में अपने साथ कोलकाता ले जाकर वृहद स्तर पर रिसर्च करेगी। टीम एक-एक कीड़े का डीएनए निकाल कर उसका एनालिसिस करेगी। इससे कीड़े की वर्तमान और पुरानी स्थिति के बारे में जानकारी मिल सकेगी।
पर्यावरण मंत्रालय के तहत कार्य करने वाली जेडएसआई टीम शहर के कीड़ों पर एक डाक्यूमेंट्री भी तैयार करेगी। साथ ही टीम यहां से अलग-अलग तरह के दिखने वाले कीड़ों को सैंपल के रूप में अपने साथ कोलकाता ले जाकर वृहद स्तर पर रिसर्च करेगी। टीम एक-एक कीड़े का डीएनए निकाल कर उसका एनालिसिस करेगी। इससे कीड़े की वर्तमान और पुरानी स्थिति के बारे में जानकारी मिल सकेगी।