कानपुर में रोनिल हत्याकांड के आरोपी विकास ने छह जून को ही हत्या की साजिश रच ली थी। इस बारे में उसने अपने तीन करीबियों से व्हाट्सएप चैट के जरिये बातचीत भी की थी, जिसमें विकास ने लिखा था कि उसको (रोनिल) जान से मार दूंगा...वहां पर आ जाना। यही वो तीन लोग हैं, जिनकी भूमिका पुलिस अब जांच रही है।
ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि सोशल मीडिया के जरिये ही विकास छात्रा के संपर्क में आया था। करीब एक साल से दोनों का प्रेम प्रसंग था। कुछ ही दिन बाद उसको पता चल गया था कि कोई रोनिल नाम का शख्स है, जो छात्रा का करीबी है।
पहली बार उसने छात्रा से रोनिल के बारे में पूछा था तो उसने यही बताया था कि वह उसको मुंह बोला भाई है लेकिन शुरू से ही विकास के मन में शक पनप रहा था। 20 अक्तूबर को विकास से रोनिल का विवाद हुआ था तब रोनिल ने छात्रा को ब्लॉक कर दिया था।
2 of 8
रोनिल हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
तो क्या छात्रा को लग गई थी अनहोनी की भनक
पुलिस के मुताबिक 31 अक्तूबर की शाम को छात्रा ने विकास को एक स्क्रीन शॉट भेजा था। इसमें रोनिल के लापता होने का मैसेज चल रहा था। इसमें ही विकास ने हंसने वाला इमोजी रिप्लाई किया था। दो नवंबर को छात्रा ने विकास का मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया था।
3 of 8
रोनिल हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
तीन नवंबर को उसने पूरी व्हाट्सएप चैट डिलीट कर दी थी। ऐसे में पुलिस को आशंका है कि क्या छात्रा को पता चल गया था कि विकास ने रोनिल को मार दिया है। यही वजह है कि छात्रा शक के दायरे में है। उससे भी पूछताछ करके जानकारी जुटाई जाएगी।
4 of 8
रोनिल हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
खुद को दूर करने लगा था रोनिल
जेसीपी के मुताबिक जब विकास को यकीन नहीं हो रहा था कि छात्रा का रोनिल से भाई बहन का रिश्ता है, तो रोनिल खुद ही अपने आप को छात्रा से अलग करनेे लगा था। 18 मई से रोनिल और छात्रा की न के बराबर बातचीत हुई थी। जबकि विकास से छात्रा की बात बढ़ने लगी थी। कॉल डिटेल से इसकी पुष्टि हुई है।
5 of 8
रोनिल हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
घटनास्थल के पास ही आरोपी का घर
पुलिस ने दावा किया है कि विकास की घटनास्थल पर लोकेशन मिली है। इसको लेकर कुछ सवाल उठ रहे हैं। दरअसल घटनास्थल के पास ही विकास घर है। पुलिस का तर्क है कि विकास का घर भले ही घटनास्थल के पास है, लेकिन वह अधिकतर महाराजपुर निवासी अपने मौसा के घर पर ही रहता था। घटना के दिन वह महाराजपुर से ही वहां पहुंचा और फिर वापस महाराजपुर चला गया था।