कानपुर में 12 वीं के छात्र रोनिल सरकार की हत्या गला दबाकर की गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई है। हत्या करने से पहले उसको जमकर पीटा गया था। शरीर पर 18 चोटें मिली हैं। चेहरे, सिर, गले, सीने, कमर और हाथ-पैर में चोटें पाई गईं। बचने के लिए भी उसने खूब संघर्ष किया था। दो डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया।
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रोनिल हत्याकांड: छात्र को पहले पीटा, फिर हाथों से गला दबाकर मार डाला, शरीर पर मिले 18 चोटों के निशान
Wed, 02 Nov 2022 08:53 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 02 Nov 2022 08:53 AM IST
जंगल में मिला छात्र का शव
- फोटो : अमर उजाला
रोनिल की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
स्कूल बैग भी बंद था। पुलिस ने घर से बरामद रोनिल के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेली निकाली है ताकि पता चल सके कि किन-किन लोगों के संपर्क में वह था। आखिरी कॉल किसकी थी। चूंकि स्कूल में मोबाइल ले जाना प्रतिबंधित है। इसलिए वह अपना मोबाइल घर पर ही छोड़ गया था। अगर मोबाइल उसके पास होता तो पुलिस को जांच में काफी आसानी होती। फिलहाल पुलिस आशनाई, आपसी रंजिश, अचानक से हुए विवाद समेत कई और पहलुओं पर जांच कर रही है।
घटनास्थल पर निरीक्षण करते कमिश्नर बीपी जोगदंड
- फोटो : अमर उजाला
आशंका...मारकर फेंका है शव
परिजनों ने बताया कि पूरी रात वह इलाके में रोनिल की खोजबीन करते रहे थे। घटनास्थल (चंदारी रेलवे स्टेशन के पास जंगलों) से करीब 200 मीटर पहले तक भी वह गए। चूंकि फिर रेलवे ट्रैक था इसलिए वह आगे नहीं गए थे। शव ट्रैक पार करने के बाद करीब 50 मीटर भीतर जंगल में पड़ा था। परिजनों ने दावा किया कि रात में एक बोलेरो घटना स्थल की तरफ गई थी।
परिजनों ने बताया कि पूरी रात वह इलाके में रोनिल की खोजबीन करते रहे थे। घटनास्थल (चंदारी रेलवे स्टेशन के पास जंगलों) से करीब 200 मीटर पहले तक भी वह गए। चूंकि फिर रेलवे ट्रैक था इसलिए वह आगे नहीं गए थे। शव ट्रैक पार करने के बाद करीब 50 मीटर भीतर जंगल में पड़ा था। परिजनों ने दावा किया कि रात में एक बोलेरो घटना स्थल की तरफ गई थी।
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रोनिल हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
आशंका है कि हत्यारे शव उसी से लेकर गए और वहां फेंक दिया। पुलिस के मुताबिक शव मिलने की सूचना स्कूल प्रशासन को किसी ने फोन पर दी थी। रोनिल स्कूल ड्रेस में था इसलिए वीरेंद्र स्वरूप स्कूल में ही सीधे सूचना किसी ने दे दी। तब स्कूल वालों ने रोनिल के परिजनों को जानकारी दी। परिजनों से जानकारी पुलिस को मिली।
रोनिल हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
स्कूल से जुटाई जानकारी
रोनिल के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के बाद मंगलवार दोपहर डीसीपी पूर्वी रवींद्र कुमार, एडीसीपी ब्रजेश श्रीवास्तव और एसीपी कैंट मृगांक शेखर पाठक श्यामनगर स्थित डॉ. वीरेंद्र स्वरूप स्कूल पहुंचे। उन्होंने प्रिंसिपल विजयश्री पांडे के अलावा अन्य स्टाफ व टीचरों से पूछताछ की। इस दौरान छात्र के व्यवहार आदि की भी जानकारी ली गई। बताया गया कि रोनिल बेहद शांत और सीधे स्वभाव का था। उसका किसी से कोई विवाद नहीं था। पढ़ाई में भी अच्छा था।
रोनिल के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के बाद मंगलवार दोपहर डीसीपी पूर्वी रवींद्र कुमार, एडीसीपी ब्रजेश श्रीवास्तव और एसीपी कैंट मृगांक शेखर पाठक श्यामनगर स्थित डॉ. वीरेंद्र स्वरूप स्कूल पहुंचे। उन्होंने प्रिंसिपल विजयश्री पांडे के अलावा अन्य स्टाफ व टीचरों से पूछताछ की। इस दौरान छात्र के व्यवहार आदि की भी जानकारी ली गई। बताया गया कि रोनिल बेहद शांत और सीधे स्वभाव का था। उसका किसी से कोई विवाद नहीं था। पढ़ाई में भी अच्छा था।