समाजवादी पार्टी को अपने ही गढ़ में हार का खतरा है। इटावा में सपा के खिलाफ चल रही साजिश को भांपकर अखिलेश ने ऐसी बातें कही हैं जिससे समाजवादी पार्टी की अंदरूनी कलह एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। इटावा में जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ‘सिम्बल विवाद’ पर अपने ही पार्टी के कुछ नेताओंं का नाम लिए बगैर जुबानी तीर चलाये। अखिलेश ने कहा कि साइकिल हमारे साथ है, जो साइकिल छीनना चाहते थे उनके हाथ से ही साइकिल छिन गई।
अपने ही गढ़ में सपा को हार का खतरा, अखिलेश की ये 10 बातें दे रहीं सबूत
यहां से जरूर जिता देना
अखिलेश ने कहा कि अब तो कांग्रेस का हाथ भी हमारे साथ है। इटावा वालों से निवेदन है कि सरकार तो बन रही है लेकिन यहां से जरूर जिता देना। कई लोग ऐसे हैं जो साइकिल को आगे नहीं बढ़ना देना चाहते।
अपने ही गढ़ में सपा को हार का खतरा, अखिलेश की ये 10 बातें दे रहीं सबूत
इटावा का अलग चुनाव है
चुनाव तो पूरे यूपी में है लेकिन इटावा का अलग चुनाव है क्योंकि कुछ लोग यहां से सपा को चुनाव हराना चाहते हैं। हम इटावा कम आये क्योंकि हमने कुछ लोगों पर भरोसा किया था। कुछ लोग हमें और नेता जी को लड़ाना चाहते थे जो साइकिल नेता जी ने 25 साल चलाई अब मेरी जिम्मेदारी है।
अपने ही गढ़ में सपा को हार का खतरा, अखिलेश की ये 10 बातें दे रहीं सबूत
हम पर आरोप लगता था
सुना है कुछ लोग नई पार्टी बनाने जा रहे हैं उल्टा हम पर आरोप लगता था कि हम नई पार्टी बनाने जा रहे हैं। बड़ा दुख और अफसोस है कि कुछ ऐसे लोग हैं जो यहां धोखे से नेताजी से आशीर्वाद ले रहे थे और नई पार्टी से चुनाव लड़ रहे थे। उनकी साजिश को हम चलने नहीं देंगे।
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षड़यंत्र का पर्दाफाश हो गया
मेरी ही पार्टी में ऐसे लोग हैं जो हमें राजनीति से बाहर करना चाहते थे लेकिन अगर विधायक हमारे साथ नहीं होते तो मेरे साथ क्या होता। जब इनके षड़यंत्र का पर्दाफाश हो गया तो कहते हैं कि हमें राजनीति विरासत में मिली है तो ये तो मेरे बस की बात नहीं थी कि मैं कहां पैदा हूं।