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राजनीति के इस घराने ने जब बदले ठिकाने, मुलायम-शिवपाल और अखिलेश-डिंपल की चुनावी कहानी

Sun, 31 Mar 2019 12:08 PM IST
शिखा पांडेय पवन श्रीवास्तव, अमर उजाला, कानपुर
पवन श्रीवास्तव, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Sun, 31 Mar 2019 12:08 PM IST
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read election story of Mulayam, Shivpal, Akhilesh and Dimple, lok sabha election 2019
फाइल फोटो
राजनीति में दल व ठिकाना बदलना खूब देखने को मिलता है। जीत के लिए सियासी आंकड़ों से उम्मीदवारों के नक्षत्रों का फिट बैठना जरूरी है। इन्हीं सियासी आंकड़ों व चुनावी गणित के चलते राजनीति के सबसे बड़े घराने के महारथियों ने बदले अपने ठिकाने। इसकी शुरूआत मुलायम सिंह ने की। उन्होंने अपनी आजमायी सीट पर परिवार के लोगों को चुनाव लड़ाया और जिताकर दिल्ली की संसद तक पहुंचाया।


सपा संरक्षण मुलायम सिंह के सीट छोड़ने पर उपचुनाव में सैंफई परिवार के तीन सांसद बने। सबसे पहले उनके बेटे अखिलेश यादव उपचुनाव जीतकर संसद पहुंचे। फिर उनके छोटे भाई अभय राम के बेटे धर्मेंद्र यादव चुनाव जीते। इसके 2014 में मैनपुरी सीट से उनके नाती तेज प्रताप यादव चुनाव जीते। इस बार सभी सूरमा अपनी-अपनी सीटों से चुनाव मैदान में ताल ठोक रहे हैं।  
 
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मुलायम सिंह यादव (फाइल फोटो)
अभी संभल से लड़े मुलायम सिंह यादव
1996 में मैनपुरी से सांसद बने मुलायम सिंह यादव ने 1999 में संभल और कन्नौज से चुनाव लड़ा और जीते। कन्नौज सीट अखिलेश के लिये छोड़ दी। 2004 में मैनपुरी से दोबारा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की लेकिन बाद में अपने भतीजे से धर्मेंद्र के लिए सीट छोड़ दी। उपचुनाव में धर्मेंद्र चुनाव जीते। 2014 में मैनपुरी और आजमगढ़ से चुनाव जीते। इस पर मैनपुरी सीट को दोबारा से छोड़ और उपचुनाव में उनके भजीते का बेटा तेज प्रताप चुनाव जीते। 2019 में मुलायम सिंह मैनपुरी से उम्मीदवार हैं।
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शिवपाल सिंह यादव (फाइल फोटो)
जसवंतनगर से फिरोजाबाद पहुंचे शिवपाल सिंह
जसवंतनगर विधानसभा सीट से मुलायम सिंह के छोटे भाई शिवपाल सिंह पांच बार विधायक चुने गये। पारिवारिक प्रतिद्वंद्विता बढ़ने पर शिवपाल सिंह ने नई प्रगतिशील समाजवादी लोहिया पार्टी बना ली और फिरोजाबाद से चुनाव में ताल ठोक रहे है। इसी सीट से उनका भतीजा अक्षय सिंह यादव भी चुनाव मैदान में है।
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अखिलेश यादव (फाइल फोटो)
पहले कन्नौज, फिर फिरोजाबाद में बनायी जमीन
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने पिता मुलायम सिंह के सीट छोडने पर 1999 में कन्नौज से उपचुनाव लड़ा और काफी अच्छे मतों से चुनाव जीते और पहली बार सांसद बने। 2009 वह कन्नौज और फिरोजाबाद दो सीटों से चुनाव लड़े और दोनों सीटों पर जीत हासिल की। इसके बाद फिरोजाबाद छोड़कर कन्नौज चले आए। मौजूदा समय में अखिलेश यादव आजमगढ़ लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे है। जहां से मुलायम सिंह यादव सांसद हैं।
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डिंपल यादव (फाइल फोटो)
अखिलेश यादव की राह पर चलीं डिंपल यादव
अखिलेश यादव ने 2009 में फिरोजाबाद सीट छोड़ी तो यहां से उपचुनाव में उनकी पत्नी डिंपल यादव लड़ीं। इस चुनाव में उनको कांग्रेस के राजबब्बर ने पराजित किया। 2012 में अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद कन्नौज सीट खाली हुई तो उपचुनाव में यहां से भी डिंपल को चुनाव मैदान में उतारा गया और वह निर्विरोध जीत गयी। 2014 के चुनाव में डिंपल कन्नौज से सांसद बनीं। 2019 में डिंपल कन्नौज से चुनाव लड़ रही हैं।
 
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