शनिवार तड़के कुदरत का कहर आसमानी आफत बनकर टूटा। तेज बारिश और आंधी-तूफान में तमाम किसानों की फसलें चौपट हो गईं। कानपुर के बिल्हौर में पेड़ गिरने से एक बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई।
PHOTOS में देखें 'कुदरत का कहर': फसलें चौपट, पेड़ गिरने से बुजुर्ग की मौत
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मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवाती हवाओं की वजह से ऐसा हुआ है। दिन में तेज धूप के बाद रात में मौसम एकदम से बदल गया। अगले दो-तीन दिन मौसम में ऐसे उलटफेर आते रहेंगे। दिन में तेज धूप के बाद शुक्रवार रात तेज बारिश और आंधी से उमस गायब हो गई लेकिन, कानपुर समेत आसपास के तमाम जिलों में बिजली गुल हो गई। रात करीब 12 बजे से मौसम ने करवट लेनी शुरू की और 1 बजते-बजते बूंदा-बांदी तेज बारिश में बदल गई।
आंधी चलने पर फाल्ट की आशंका से केस्को ने कई फीडरों को बंद कर दिया। अनुमान है कि अगले दो-तीन दिन मौसम में ऐसे उलटफेर आते रहेंगे। इससे फसलों पर बुरा प्रभाव पड़ने की आशंका जताई गई है।
राजस्थान और इससे सटे उत्तर प्रदेश के ऊपर चक्रवाती हवाओं का सिस्टम बन रहा है। मौसम विभाग के अनुसार हवाओं की दिशा लगातार बदलने और तापमान में उतार-चढ़ाव की वजह से चक्रवाती मौसम का असर उप्र पर पूरी तरह से आ गया है। इसकी वजह से मौसम करवट ले रहा है। दो दिन से रात में सुहानी हवाएं चल रही थीं।
तड़के लोगों को ऐसा अहसास होता था मानो वे कानपुर नहीं, देहरादून की हसीन वादियों में रह रहे हों। शुक्रवार रात करीब 12 बजे से मौसम बदलना शुरू हुआ। पहले तेज हवाएं चलीं, बूंदा-बादी शुरू हुई और फिर जैसे-जैसे हवाओं की रफ्तार बढ़ती गई, बूंदों ने भी जोर दिखाना शुरू कर दिया।