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जन्मदिन विशेषः राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के बारे में शायद ये बातें नहीं जानते होंगे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Mon, 01 Oct 2018 04:57 PM IST
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद
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राष्ट्रपति रामनाथ मूल रूप से कानपुर देहात के रहने वाले हैं। उन्हें जब राष्ट्रपति का उम्मीदवार बनाया गया था तो उनका गांव परौंख सुर्खियों में आ गया। उनके बचपन के दोस्त और रिश्तेदारों ने गुजरे जमाने के किस्सों को सुनाया तो सभी हैरान रह गए।
ramnath kovind
साल 1991 में रामनाथ भारतीय जनता पार्टी में सम्मिलित हो गये। दो साल बाद 1994 में उत्तर प्रदेश राज्य से राज्य सभा के लिए निर्वाचित हुए। वर्ष 2000 में पुनः उत्तरप्रदेश राज्य से राज्य सभा के लिए निर्वाचित हुए। इस प्रकार कोविन्द लगातार 12 वर्ष तक राज्य सभा के सदस्य रहे। वह भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता भी रहे हैं। कोविन्द का नाम भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने 19 जून 2015 को एनडीए के सर्वसम्मत राष्ट्रपति उम्मीदवार के रूप में घोषित किया।
पीएम मोदी और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद
वह भाजपा दलित मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और अखिल भारतीय कोली समाज अध्यक्ष भी रहे। वर्ष 1986 में दलित वर्ग के कानूनी सहायता ब्युरो के महामंत्री भी रहे। कानपुर यूनिवर्सिटी (अब छत्रपति साहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर) से रामनाथ ने बीकॉम और एलएलबी की पढ़ाई की है।
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जन्मदिन
रामनाथ का विवाह 30 मई 1974 को सविता कोविंद से हुअा था। एक बेटा अौर एक बेटी है। बेटे का नाम प्रशांत अौर बेटी का नाम स्वाति है। रामनाथ कोविंद पेशे से वकील रहे हैं और दिल्ली उच्च न्यायालय में वकालत की प्रैक्टिस भी कर चुके हैं। राम नाथ कोविंद नें दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में 16 साल तक प्रैक्टिस की। वकील रहने के दौरान कोविंद ने गरीब दलितों के लिए मुफ़्त में क़ानूनी लड़ाई लड़ी।
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रामनाथ कोविंद
आदिवासी, होम अफ़ेयर, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, सामाजिक न्याय, क़ानून न्याय व्यवस्था और राज्यसभा हाउस कमेटी के भी चेयरमैन रहे। कोविंद गवरनर्स ऑफ इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के भी सदस्य रहे हैं। 2002 में कोविंद ने संयुक्त राष्ट्र के महासभा को भी संबोधित किया था। इसके अलावा वो बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता भी रह चुके हैं।